कासगंज। मां वैष्णोदेवी धाम में भगदड़ के बाद हुई मौतों व श्रद्धालुओं के घायल होने की खबर से चहुंओर दुख की लहर है। वहीं, कासगंज के श्रद्धालु जो माता के दर्शन करने धाम में पहुंचे थे वे तो बार बार मईया की कृपा बता रहे हैं। कह रहे हैं कि जहां घटना हुई वहां से 45 मिनट पहले ही निकले थे। यदि देरी हो जाती तो वे भी शायद भगदड़ में शामिल होते।
कासगंज के ढोलना से श्रद्धालु अजीत, देवेंद्र, धरमवीर, डॉ. सचिन, भुवनेश, पुष्पेंद्र, रुपेश अपने जत्थे के साथ मां वैष्णोदेवी धाम में दर्शन के लिए गए हैं। उन्होंने शुक्रवार रात लगभग 1:45 बजे माता के दर्शन किए और धाम से निकल ही आए। और जब वे नीचे उतर रहे थे तो जानकारी मिली कि भगदड़ मच गई है और बड़ा हादसा हो गया है। फिर तो ये श्रद्धालु एक साथ दंग रह गए। फोन पर श्रद्धालुओं ने बताया कि यह तो मईया की कृपा है जो कुछ ही मिनट पहले वहां से निकलकर आए थे। यदि कहीं देर होती तो शायद हम भी घिर गए होते। श्रद्धालुओं ने कहा कि यह घटना बहुत दुखद है। जब से घटना के बारे में जानकारी हुई है मन बेहद दुखी है। श्रद्धालु अजीत ने बताया कि वे हर साल नववर्ष पर माता रानी के दर्शन करने जाते हैं और इस साल भी गए थे। उन्होंने बताया कि जो श्रद्धालु लौटकर आ रहे थे वे माता की कृपा बता रहे थे और जो दर्शन को जा रहे थे वे जहां के तहां रुक गए। लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
श्रद्धालुओं की मौत पर दुख जताया
सोरोंजी। नववर्ष के अवसर पर वैष्णोदेवी मंदिर परिसर में माता रानी के दर्शन के लिये कतारबद्ध श्रद्धालुओं में भगदड़ मचने से 12 की मौत पर विहिप ने दुख जताया है। वराह घाट पर मृत श्रद्धालुओं की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा। विहिप नगर संयोजक सुनील तिवारी ने कहा कि यह हादसा बेहद दु:खद है, जिसमें 12 श्रद्धालुओं की मौत व 14 लोग घायल हो गए। श्रीकांत तिवारी, उमाकांत भारद्वाज, राजीव शर्मा, शिवद तिवारी, अनुभव चौधरी आदि ने श्रद्धालुओं की मौत पर गहरा दु:ख जताया है।