संक्रमण के चलते व्यस्त हैं आशा बहुएं
टीकाकरण शिविर के लिए आशा कार्यकत्रियों को नवजात बच्चों की माताओं को पूर्व सूचित करना पड़ता है। परंतु पिछले एक साल से आशा बहुएं कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए घर-घर सर्वेक्षण, संदिग्धों की निगरानी, दवाई वितरण एवं लक्षण वाले मरीजों की सूचियां बनाने में उलझी हैं। उन्हें बच्चों के टीकाकरण के लिए क्षेत्र में भ्रमण का समय ही नहीं मिला।
चार माह से भुगतान नहीं
कोरोना संक्रमण के कारण पोलियो से बचाव के लिए चार महीनों से बच्चों को दो बूंद जिंदगी की भी नहीं पिलाई गईं। जनवरी से शहरी क्षेत्र में पोलियो पिलाने वाली आशा एवं स्वास्थ्य कार्यकत्रियों को मानदेय नहीं मिला। करीब 3500 आशाओं का भुगतान बकाया है। इन्हें प्रत्येक सत्र पर 75 रुपये मिलते थे।
36 केंद्रों का नहीं बना वैकल्पिक प्लान
फतेहपुर सीकरी, खेरागढ़, बाह, पिनाहट, अछनेरा, शमसाबाद, अकोला और बरौली अहीर में 36 टीकाकरण केंद्र ऐसे हैं जहां इस साल बच्चों को टीके नहीं लगे। इन केंद्रों पर टीका लगाने के लिए एएनएम व स्टाफ नर्स नहीं। इन 36 केन्द्रों पर टीकाकरण के लिए कोई वैकल्पिक कार्य योजना भी स्वास्थ्य विभाग ने नहीं बनाई।
कोरोना वैक्सीन लगाने की तैयारी करतीं स्वास्थ्यकर्मी
- फोटो : अमर उजाला
नहीं छपी बुकलेट, ट्रैकिंग भी बंद
नवजात बच्चों के टीकाकरण के लिए सीएमओ कार्यालय से हर साल ट्रैकिंग बुकलेट छपवाई जाती हैं। इन्हें आशाओं व एएनएम को दिया जाता है। टीकाकरण के समय इनमें बच्चे का नाम, उम्र, माता-पिता की उम्र, पता व मोबाइल नंबर आदि दर्ज होता है। पिछले एक साल से शहर व देहात में ट्रैकिंग बुकलेट नहीं छपीं। इस कारण टीकाकरण के लिए पात्र बच्चों की ट्रैकिंग भी बंद है।
इसलिए जरूरी हैं टीके
नवजात बच्चों में टीकाकरण से प्रतिरोधक क्षमता विकसित होती हैं। गंभीर बीमारियों से सुरक्षा मिलती है। ये संक्रमण के खतरे को काफी हद तक कम कर देते हैं। 12 से 24 महीने तक बच्चों को दो महीने, चार महीने, नौ महीने और 12 व 24 महीने के अंतराल पर वैक्सीन लगाई जाती हैं।
ये टीके हैं जीवनरक्षक
टीका बीमारी से बचाव
बीसीजी तपेदिक या टीबी
पेंटा काली खांसी, डिप्थीरिया, टिटनेस
चिकिनपॉक्स चिकिनपॉक्स
इन्फ्लूएंजा सर्दी, खांसी, जुकाम
एमएमआर खसरा, गलसुआ और रूबैला
रोटावायरस संक्रमण
नियोमोकोकल निमोनिया
पोलियो अपंगता से बचाव
हीमोफिलस बी हेपेटाइटिस
जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह
- फोटो : अमर उजाला
जल्द शुरू कराएंगे टीकाकरण
डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट मिली है। टास्क फोर्स को जल्द टीकाकरण शुरू कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कुछ सामान व कर्मियों की जरूरतें बताई हैं उन्हें पूरा कराया जाएगा। सभी बच्चों का टीकाकरण कराया जाएगा। - प्रभु एन सिंह, जिलाधिकारी
कोविड में लगा है पूरा स्टाफ
जनवरी से कोविड वैक्सीनेशन चल रहा है। सभी एएनएम व अन्य स्टाफ वहां लगा है। बच्चों के सामान्य टीकाकरण के लिए एक अलग टीम बनाई जा रही है। वो शहर व देहात में शिविर लगाएगी। - डॉ. आरसी पांडेय, सीएमओ
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