आगरा। श्रीगुरु ग्रंथ साहिब का पहला प्रकाश पर्व पर गुरुद्वारों में कीर्तन दरबार सजा। जत्थेदारों ने कीर्तन कर संगत को धन्य कर दिया। गुरुद्वारा माईथान में कीर्तनकार वीर महेंद्र पाल सिंह के मुख से वाणी गुरु, गुरु है वाणी, विच वाणी अमृत सारे... सुनकर संगत सतनाम वाहेगुरु का जाप करने लगी।
कीर्तनकार ने श्रीगुुरु ग्रंथ साहिब की महानता बताते हुए कहा कि ये ही एकमात्र ऐसा ग्रंथ है, जिसमें राम-रहीम, गिरधारी, कृष्ण-मुरारी, अल्लाह-करीम और वाहेगुरु सब को जगह मिली है। अगर हर कोई गुरु ग्रंथ साहिब के अनुसार जीवन जीए तो दुनिया से नफरत खत्म हो जाएगी। हजूरी रागी बृजेश सिंह ने भी कीर्तन किया। समापन पर अटूट लंगर छका। गुरुद्वारा प्रधान कंवलजीत सिंह और मुख्य ग्रंथी कुलविंदर सिंह ने संगत का आभार जताया। संत बाबा प्रीतम सिंह ने सभी के भले की अरदास की। गुरमीत सिंह सेठी, रिंकू गुलाटी, सतीश अरोड़ा, संजय जट्टाना, दलजीत सिंह, बंटी ग्रोवर, हरजिंदर सिंह, अशोक अरोड़ा, दलजीत सिंह, रोहित कात्याल रहे।
आगरा। गुरुद्वारा दशमेश दरबार शहीद नगर में श्रीगुरु ग्रंथ साहिब के पहले प्रकाश पर्व पर गुरुवाणी का गायन हुआ। कीर्तनकार भाई हरजोत सिंह ने आज्ञा भइ अकाल की तबही चलायो पंथ, सब सिक्खन को हुकम हैं गुरु मानियो ग्रंथ... सुनाकर संगत को धन्य कर दिया। संगत ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब के आगे मत्था टेककर लंगर छका। ज्ञानी मंशा सिंह ने कोरोना महामारी और डेंगू के खात्मे के लिए अरदास की। गुरुद्वारा प्रधान हरपाल सिंह, सचिव रविंद्र सिंह ओबराय, श्याम भोजवानी, इंदरजीत सिंह, संतोष सिंह, त्रिलोचन सिंह, जस्विंदर सिंह, हरप्रीत सिंह, सुरेंद्र सिंह रहे। ब्यूरो