छह भाइयों में सबसे छोटा था ओकेश
गांव में प्रवेश करते ही ओकेश का घर है। वह 6 भाइयों में सबसे छोटा था, घर में सभी का लाडला था। पिता किशन सिंह किसान हैं। वह बृहस्पतिवार से ही बेटे के मिलने की आस में नदी किनारे ही टकटकी लगाए हुए बैठे थे। मां शांति देवी के आंसू नहीं रुक रहे हैं। पांच बड़े भाई राजेंद्र, नरेंद्र, ज्ञानी, श्रीनिवास व राहुल अपने छोटे भाई को याद कर फफक पड़ते हैं। घर पर रिश्तेदारों का तांता लगा हुआ है। हादसे में अपनों को खोने वाले पीड़ित परिवारों में पांचवें दिन भी चूल्हा नहीं जले हैं। उधर, देर रात रविवार को मिले करन, सोमवार को मिले ओकेश और वीनेश के शव घर पहुंचे। इससे पूरे गांव में कोहराम मच गया।
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