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UPSC Pre Exam 2022: इतिहास और राजनीति विज्ञान ने उलझाया, जानें यूपीएससी-प्री परीक्षा किस तरह के आए सवाल, क्या बोले परीक्षार्थी 

Mon, 06 Jun 2022 12:11 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

यूपीएससी-प्री परीक्षा 39 केंद्रों पर हुई। प्रथम पाली में 8296 और द्वितीय पाली में 8208 परीक्षार्थी शामिल हुए। परीक्षार्थियों ने बताया कि करंट अफेयर्स से संबंधित प्रश्न ऐसे थे जो मुख्यत: समाचार पत्रों में पढ़े थे।
 
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यूपीएससी-प्री परीक्षा देकर केन्द्र से बाहर निकलते परीक्षार्थी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा में संघ लोक सेवा आयोग की प्रारंभिक परीक्षा में इतिहास व राजनीति विज्ञान से संबंधित ज्यादा सवाल पूछे गए। परीक्षार्थियों का कहना है कि पिछले सालों की तुलना में पेपर काफी आसान था। भारत के संविधान से संबंधित प्रश्न एनसीईआरटी की पुस्तकों में से ही थे। करंट अफेयर्स से संबंधित प्रश्न ऐसे थे जो मुख्यत: समाचार पत्रों में पढ़े गए थे। जिले के 39 परीक्षा केंद्रों पर रविवार को शांतिपूर्ण माहौल में दो पालियों में परीक्षा हुई, जिसमें 17,687 परीक्षार्थियों को शामिल होना था लेकिन प्रथम पाली में 8296 और द्वितीय पाली में 8208 परीक्षार्थी शामिल हुए। 

निगरानी के लिए तैनात रहे 14 सेक्टर मजिस्ट्रेट एवं पांच जोनल मजिस्ट्रेट

संघ लोक सेवा आयोग प्रारंभिक परीक्षा सुबह 9.30 से 11.30 बजे और 2.30 से 4.50 बजे तक हुई। परीक्षा की निगरानी के लिए 14 सेक्टर मजिस्ट्रेट एवं पांच जोनल मजिस्ट्रेट तैनात थे। सभी केंद्रों पर दो सुपरवाइजरों की तैनाती हुई। इसके अलावा सभी केंद्रों पर एक-एक जिले स्तर के अधिकारियों को लगाया गया। एडीएम सिटी अंजनी कुमार सिंह ने बताया कि प्रथम पाली में 46.90 प्रतिशत एवं द्वितीय पाली में 46.46 प्रतिशत परीक्षार्थियों की उपस्थिति रही। परीक्षा शांतिपूर्ण माहौल में हुई।

आसान थे प्रश्न 

 उधर, परीक्षार्थियों का कहना है कि प्रश्न आसान थे। उन्होंने बताया कि प्राचीन दक्षिण भारत में संगम साहित्य, किसके शासनकाल में योग वशिष्ठ का फारसी में अनुवाद हुआ, वन्य जीव संरक्षण पर्यावरण अधिनियम के गठन, जलवायु आदि के बारे में सवाल पूछे गए। इसके अलावा आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के संदर्भ में कथनों पर विचार पूछते हुए अलग-अलग सवाल रहे। कृषि की गहनता प्रणाली, भारतीय अर्थव्यवस्था के कथनों, हाल ही में हैदराबाद में भारत के प्रधानमंत्री द्वारा संत रामानुजाचार्य की आसन मुद्रा में विश्व की दूसरी सबसे ऊंची मूर्ति के उद्घाटन, भारतीय इतिहास से संबंधित जैसे भारत पर जलालुद्दीन खिलजी के शासनकाल में आक्रमण होने और स्वतंत्रता सेनानियों जोगेश चंद्र चटर्जी, रास बिहारी बोस आदि के बारे में सवाल पूछा गया।  

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ये बोले परीक्षार्थी 

आगरा  की हर्ष नंदिनी ने बताया कि पेपर आसान था। सामान्य अध्ययन से संबंधित प्रश्न परीक्षा की तैयारी के लिए उपलब्ध पुस्तकों में से ही थे। उन्हें हल करना आसान रहा। भारत के संविधान से संबंधित प्रश्न एनसीईआरटी की पुस्तकों में से ही थे। इतिहास व पॉलिटिकल साइंस से संबंधित प्रश्न बहुतायत थे। स्मृति चौहान ने कहा कि फर्स्ट पेपर को देखते हुए सेकंड पेपर ज्यादा कठिन था, लेकिन पेपर मेरा अच्छा हुआ है, अब रिजल्ट आने के बाद पता चलेगा। वहीं आकाश शर्मा ने बताया कि पेपर बहुत ज्यादा कठिन था, हम जितना पढ़कर आए थे, उससे ज्यादा प्रश्न आ गए। इतिहास से अधिक प्रश्न पूछे गए थे। 

कुछ यूं भी आए थे सवाल  

- यदि कोई मुख्य सौर ग्रह से तूफान पृथ्वी पर पहुंचता है, तो पृथ्वी पर कौन से संभव प्रयास करने होंगे 

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- जनसंचार माध्यमों में बहुचर्चित प्रभावी कक्षीय बमबारी प्रणाली के आधारभूत विचार  
- डब्लूएसओ के वायु गुणवत्ता दिशा निर्देशों के संदर्भ में कथनों पर विचार 
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