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UP PCS Success Story: किस तरह की पढ़ाई, फिर मिली सफलता, जानें क्या कहते हैं यूपी पीसीएस में सफल हुए अभ्यर्थी

Sat, 08 Apr 2023 10:15 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

ताजनगरी आगरा के होनहारों ने यूपीपीएससी की पीसीएस मुख्य परीक्षा में परचम फहराया है। टॉप टेन में आगरा की दो बेटियां शामिला हैं, टॉपर दिव्या सिकरवार भी आगरा से ही हैं। वहीं बेटे भी इस दौड़ में शामिल रहे। 
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यूपी पीसीएस में सफल सतेन्द्र सिंह, आशीष और शिवम - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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यूपी-पीसीएस में कामयाबी हासिल करने का सपना पूरा करना कठिन है, लेकिन नामुमिकन नहीं। अभ्यर्थियों को सब कुछ त्यागकर अर्जुन की तरह सिर्फ मछली की आंख की तरफ ध्यान लगाना पड़ता है। जिसने दुनिया की चकाचोंध को त्यागकर मेहनत की, सफलता उसके ही कदम चूमती  है। फिर संसाधनों का अभाव हो या फिर पारिवारिक कठिनाइयां। ताजनगरी के होनहारों ने कुछ इसी तरह ये सपना साकार किया। आइये जानतें हैं क्या कहते हैं यूपी पीसीएस में सफल हुए अभ्यर्थी...
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वायु सैनिक सतेंद्र सिंह बने नायाब तहसीलदार

ग्वालियर रोड स्थित गांव बाद के सतेंद्र सिंह ने यूपीपीसीएस में 43वीं रैंक हासिल कर नायाब तहसीलदार बने हैं। इन्होंने बताया कि ये वायु सेना में हैं और नौकरी के साथ तैयारी भी की है। इनका कहना है कि जो भी लक्ष्य तय किया हो, उसे पूरा न होने तक मेहनत करते रहो। अपनी सफलता के लिए सतेंद्र अपनी मां रघुवीरी देवी और दादा भगवान सिंह चाहर और भाई संजय सिंह चाहर को देते हैं। बोले, कि पिताजी गोपाल सिंह चाहर के स्वर्गवास के बाद इनसे ही प्रेरणा मिली।

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आशीष भारद्वाज ने 12वीं रैंक हासिल की - फोटो : अमर उजाला

नौकरी के साथ सेल्फ स्टडी की

इंद्रापुरम शमसाबाद रोड निवासी आशीष भारद्वाज ने 12वीं रैंक हासिल की है। अभी ये राज्य कर अधिकारी के पद पर इटावा में तैनात हैं। उन्होंने बताया कि 2021 में भी परीक्षा दी, जिसमें बांट-माप विभाग में सहायक नियंत्रक के पद पर सेलेक्शन हुआ था। मनमाफिक रैंक हासिल नहीं होने पर फिर परीक्षा दी और अब एसडीएम पद मिला है। पढ़ाई के लिए घंटे मायने नहीं रखते, नौकरी के साथ मुझे सीमित समय ही मिलता था, लेकिन सेल्फ स्टडी काम आई और सफलता मिली। जो युवा ये समझते हैं कि घंटों पढ़ाई करने से ही सफलता मिल जाएगी, ऐसा नहीं है। पढ़ाई और ज्ञान के लिए जितने अधिक सोर्स होंगे, उतनी ही मदद मिलेगी। सीओडी से कार्यालय अधीक्षक के पद से सेवानिवृत्त इनके पिता महेश चंद्र शर्मा समेत अन्य परिजन सफलता पर गदगद हैं।

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शिवम कुमार यूपी-पीसीएस में 89वां स्थान पाकर डीएसपी बने - फोटो : अमर उजाला

तीन मंत्रों ने दिलाई सफलता

आवास विकास कॉलोनी सेक्टर-7 के शिवम कुमार यूपी-पीसीएस में 89वां स्थान पाकर डीएसपी बने हैं। उन्होंने सफलता के तीन मंत्र बताए। कहा कि नियमित पढ़ाई, सोशल मीडिया से दूरी और अखबार पढ़ना। इन तीन मंत्रों का पालन कर आप अपने मकसद में सफल हो जाएंगे। तैयारी के लिए मैं हिंदी और अंग्रेजी अखबार को नियमित पढ़ता था। हिंदी के अखबार में अमर उजाला पढ़ता हूं। इससे करंट अफेयर के साथ देश-विदेश की जानकारी मजबूत हुई। रोजाना 8-10 घंटे पढ़ाई करता था। मोबाइल समेत अन्य गैजेट किनारे रख देता था। रोडवेज में एआरएम पद पर रहे पिता प्रवीन कुमार ने कहा कि तीन बेटियां और एक बेटा है। एक बेटी नायब तहसीलदार है। बेटे की सफलता पर पूरे परिवार में खुशी का माहौल है।
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