लैब में अलग से लगाए गए थे कंप्यूटर
इंस्पेक्टर क्राइम उत्तम चंद पटेल के मुताबिक, यस इंफोटेक केंद्र पर लैब संख्या 7 में 2 कंप्यूटर लगाए थे। इस लैब के नीचे वाले तल पर एक कमरे में 2 कंप्यूटर अलग लगाए गए थे। यह लैब संख्या 7 पर लगे कंप्यूटर से जुड़े रहते थे। माना गया कि इससे ही साल्वर प्रश्नों को देखकर हल कर रहे थे। कंपनी के कर्मचारी जिन अभ्यर्थी से सेटिंग होती थी, उनको जानबूझकर कंप्यूटर में खराबी बताकर लैब संख्या 7 के कंप्यूटर पर बैठाते थे। इसकी जानकारी कंपनी के अधिकारियों को भी नहीं दी जाती थी। जबकि किसी कंप्यूटर में खराब होने पर लैब में रखे रिजर्व कंप्यूटर में बैठाया जाना चाहिए। सीसीटीवी कैमरों के फुटेज से यह पता चला।
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पांच सेकंड से कम समय में जवाब
यस इंफोटेक में अभ्यर्थी अक्षय मलिक ने एक दिसंबर 2021 को सुबह नौ बजे से 11 बजे के बीच परीक्षा दी थी। ऑनलाइन परीक्षा के कैंडिडेट रेस्पॉन्स लाॅग और कैंडिडेट एग्जाम डे परफॉरमेंस रिपोर्ट की समीक्षा की गई थी। इसमें पता चला कि अक्षय ने न्यूमेरिकल एंड मेंटल एबिलिटी टेस्ट में 40 प्रश्नों में से 29 के उत्तर 4 मिनट 32 सेकंड में दिए। इसमें प्रश्नों को पढ़कर उत्तर देने का समय शामिल था। प्रति प्रश्न सही उत्तर का औसत 9.37 सेकंड आया। इन सवालों के उत्तर देने में पांच सेकंड से कम लगे। ऐसे सामान्य अभ्यर्थी के लिए संभव नहीं था। अन्य अभ्यर्थियों को इतने प्रश्न हल करने में 15 मिनट तक लगे थे।
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गिरफ्तारी और फरार आरोपी
पुलिस ने बृहस्पतिवार को बाग खिन्नी महल निवासी बहादुर सिंह, सेक्टर चार निवासी प्रवेश यादव, कोसीकला निवासी फतेहराम और कानपुर नगर निवासी विनायक शर्मा को गिरफ्तार किया था। विनायक शर्मा एनएसईआईटी कंपनी में क्लस्टर हेड है। प्रवेश यादव और फतेहराम भी कर्मचारी थे। यशपाल केंद्र व्यवस्थापक थे। अब पुलिस को कंपनी के अंकित भाटिया, केंद्र व्यवस्थापक दिनेश पाल, अमित सोनी, कक्ष निरीक्षक रितिक यादव, अनूप कुमार आदि की तलाश है।