फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पीआरवी जवानों के साथ मारपीट-पिस्टल लूटकांड: 31 नामजदों पर केस दर्ज, सिपाही की पिस्टल तलाशने में जुटी पुलिस  

Mon, 21 Mar 2022 08:12 PM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद

सार

जिले के लाइनपार क्षेत्र में पीआरवी की टीम के साथ मारपीट और पिस्टल लूट मामले में पुलिस ने आठ लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिशें दे रही है।
विज्ञापन
गांव कूपा में पहुंचे पुलिस अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पीआरवी टीम के साथ मारपीट करने और सिपाही से पिस्टल व मोबाइल फोन लूटने के मामले में लाइनपार पुलिस ने 31 लोग नामजद और 60 से 70 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इसमें से आठ लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। हालांकि अब तक पुलिस लूटी सरकारी पिस्टल बरामद नहीं कर सकी है। 

विज्ञापन


रविवार को थाना लाइनपार क्षेत्र के गांव कूपा निवासी विश्वनाथ परिजन के साथ पत्नी आरती की पिटाई दोपहर से कर रहा था। शाम करीब छह बजे आरती ने फोन से अपने भाई टीनू को इसकी जानकारी दी। भाई बहन की ससुराल पहुंचा, तो आरती की ससुराल के बाहर भीड़ जुटी थी। यह देख टीनू ने पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पीआरबी 0679 पर तैनात हेड कांस्टेबल जीत सिंह, कांस्टेबल कुलदीप सिंह व चालक दिनेश कुमार मौके पर पहुंचे।
 
हेड कांस्टेबल जीत सिंह का कहना है कि उन्होंने आरती के साथ मारपीट करने से मना किया तो आरोपियों ने उन पर हमला बोल दिया। सरकारी पिस्टल व मोबाइल फोन लूट लिया। मोबाइल फोन में सरकारी सिम था। कुलदीप को भी जमीन पर गिरा लिया और लाठी डंडों से मारा। पीआरवी टीम के साथ हुई मारपीट, सरकारी पिस्टल, मोबाइल फोन लूटने की सूचना पर एसएसपी आशीष तिवारी के साथ ही कई थानों की पुलिस व अफसर पहुंचे। इसी बीच आरोपी मौके से भाग गए। पुलिस ने मामले की जानकारी करने के साथ ही देर रात दबिश देकर शिवम, विष्णु, प्रमोद, बलराम सिंह, नितिन, रामबरन, राजेश और सचिन को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर पुलिस ने जेल भेज दिया है। शेष आरोपियों की गिरफ्तारी को पुलिस प्रयास कर रही है। 

इन लोगों को किया गया नामजद

हेड कांस्टेबल जीत सिंह की तहरीर पर वीपी उर्फ विश्वनाथ, राजवीर, ब्रजेश, गनेश, गंभीर, नैहनू, कुंवरपाल, गंभीर, रमेश दूधिया, कमलेश, वीपी, सनक सिंह, पवन, हिरदेश, नाथूराम, विष्णु प्रताप, रामबरन, प्रमोद, शिवम, राजेश, नितिन, बलराम, सचिन, राजवीर, मुकेश, दिनेश, महेश, निर्मल उर्फ नेता, पप्पू, सर्वेश, होलू को नामजद करते हुए करीब 60 से 70 अज्ञात लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया है। 

दोपहर से की जा रही थी पिटाई

आरती का मायका औरंगाबाद शिकोहाबाद में है। विश्वनाथ के साथ आरती की शादी को दो साल का समय बीता है। आरती पर एक वर्ष की बच्ची भी है। जबकि दूसरा बच्चा उसके पेट में पल रहा है। सरकारी ट्रामा सेंटर में उपचार करा रही आरती ने बताया कि ससुरालीजन दहेज के लिए काफी समय से उसका शोषण करने के साथ ही मारपीट करते थे। लेकिन उनसे कभी परिजनों को सूचना नहीं दी। रविवार को दोपहर दो बजे से उसको बंधक बनाकर पीटा जा रहा था। 

फोन करके बुलाए गए थे युवक

आरती ने बताया कि पति विश्वनाथ को जब इसकी जानकारी हो गई कि उसने मायके वालों को सूचना दे दी है तो विश्वनाथ ने फोन करके दूसरे गांव से कुछ युवकों को बुलाया था। इनकी संख्या 30 से 35 रही होगी। सभी लोग शाम करीब साढ़े छह बजे तक आ गए थे और घर पर ही मौजूद रहे। 

पुलिसकर्मियों ने भागकर बचाई थी जान

प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो आरोपियों ने पुलिसकर्मियों को मौके से भागने का मौका नहीं दिया। योजनाबद्ध तरीके से पुलिस पर हमला किया गया। किसी तरह से पुलिसकर्मी वहां से बचकर भागे और थाने को सूचना दी। तब कहीं जाकर आरोपी मौके से भागे थे। यह घटनाक्रम करीब आधा घंटे तक चलता रहा।

कुएं और खेतों में हुई पिस्टल की तलाश

आरोपियों की गिरफ्तारी और लूटी गई पिस्टल को बरामद करने के लिए पुलिस सोमवार को गांव कूपा में डेरा डाले रही।  पिस्टल और मोबाइल फोन को बरामद करने के लिए पुलिस खेतों की के साथ ही कुएं में तलाश करती दिखी दी। सीओ सदर हीरालाल कनौजिया ने बताया कि आसपास के कुओं में भी पिस्टल की तलाश की गई थी। लेकिन पिस्टल बरामद नहीं हो सकी है।

पांच टीमों का गठन

आरोपियों की गिरफ्तारी को पांच टीमों का गठन किया गया है। जिसमें एसओजी और सर्विलांस की टीम भी शामिल है। आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। शेष आरोपियों की गिरफ्तारी को उनके ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर पिस्टल बरामद कर ली जाएगी। - मुकेश चंद्र मिश्र, एसपी सिटी

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें