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Agra News: बुलट को देख डोला दरोगा के बेटे का दिल, ओएलएक्स से खरीदी, घर से हो गई चोरी

Fri, 30 Dec 2022 02:12 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

पीड़ित का कहना है कि बाइक के फर्जी दस्तावेज बनाए गए थे। आरोपी ने एक दिन बात करने पर आगरा आने से इन्कार कर दिया। अपना मोबाइल भी बंद कर लिया।
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बुलट (सांकेतिक फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ओएलएक्स पर बुलट बाइक का विज्ञापन दिखाकर दरोगा पुत्र को ठगी का शिकार बना लिया गया। शातिर ने बाइक बाराबंकी में बेची थी। सात दिन बाद एनओसी के लिए घर आने के लिए कहा। गूगल लोकेशन लेने के बाद आरोपी दरोगा पुत्र से तो नहीं मिला, लेकिन बाइक को दूसरी चाबी से खोलकर चोरी करके ले गया। जिस नंबर से बाइक बेची थी, उस नंबर की दूसरी बाइक फायरमैन के नाम पर पंजीकृत निकली। दरोगा के पुत्र ने थाना शाहगंज में दो नामजद और एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।

मलपुरा में तैनात है दरोगा 

ट्रांजिस्ट हॉस्टल, पुलिस लाइन निवासी दरोगा घनश्याम बिंद थाना मलपुरा में तैनात हैं। उन्होंने बताया कि बेटा मंगल सिंह बीएससी कर रहा है। उसने दो दिसंबर को ओएलएक्स पर बुलट बाइक का विज्ञापन देखा था। बाइक पसंद आने पर उसने चैट कर विक्रेता से बात की। बाद में उसने मोबाइल नंबर दे दिया। विक्रेता ने अपना नाम दिनेश कुमार बताया। कहा कि वह हाथरस का रहने वाला है। एक मीडिया हाउस में काम करता है। इस समय बाराबंकी में सेवा दे रहा है। वह 95 हजार से बाइक 90 हजार रुपये में देने के लिए तैयार हो गया।

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मंगल छह दिसंबर को अपने प्रयागराज में रहने वाले मौसेरे भाई शैलेष कुमार के साथ बाराबंकी बाइक लेने गया। युवक ने 20 हजार रुपये नकद लिए। बाकी रकम किसी क्षितिज दीक्षित निवासी मैनपुरी के खाते में जमा करने को कहा। उन्होंने 20-20 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। युवक ने बाइक पर चालान होने की वजह से एनओसी बाद में देने के लिए बोला। वह बुलट बाइक लेकर आगरा आ गए। बाद में आरोपी ने 10 हजार रुपये और मांगे। यह उसके खाते में ट्रांसफर कर दिए। 13 दिसंबर को दिनेश ने कॉल किया। कहा कि वो एनओसी देने आगरा आ रहा है। अपनी लोकेशन भेज दो। मंगल सिंह ने गूगल लोकेशन भेज दी। मगर, वो नहीं आया। बाइक आवास के बाहर खड़ी थी। आरोपी ने लोकेशन की मदद से दूसरी चाबी से बाइक चोरी कर ली। इसका पता चलने पर पुलिस से शिकायत की।

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फायरमैन के नाम पर पंजीकृत है दूसरी बाइक

 घनश्याम बिंद ने बाइक के नंबर से मालिक के बारे में पता किया। सामने आया कि जिस नंबर की बुलट बाइक उनके बेटे मंगल को दी गई थी वो हाथरस के रहने वाले दिनेश कुमार के नाम पर पंजीकृत है। वह ईदगाह फायर स्टेशन में तैनात हैं। उनके घर पर बाइक खड़ी हुई थी, जबकि जो बाइक मंगल को बेची थी, वो अलग थी। इससे आशंका है कि आरोपी ने बाइक पर फर्जी नंबर प्लेट लगा रखी थी। फायरमैन दिनेश ने बताया कि उनके पास छह महीने पहले एक कॉल आया था। तब भी उन्होंने यही कहा था कि उन्होंने किसी को गाड़ी ट्रांसफर नहीं करनी है।

मोबाइल बंद कर लिया

पीड़ित का कहना है कि बाइक के फर्जी दस्तावेज बनाए गए थे। आरोपी ने एक दिन बात करने पर आगरा आने से इन्कार कर दिया। अपना मोबाइल भी बंद कर लिया। मामले में थाना शाहगंज में हाथरस निवासी दिनेश कुमार, मैनपुरी निवासी क्षितिज दीक्षित और अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। थाना शाहगंज पुलिस का कहना है कि मामले में साक्ष्य संकलन किया जा रहा है। विवेचना के बाद ही कार्रवाई की जाएगी। 

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