समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव
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मैनपुरी की मंडी समिति में मतगणना के दौरान सपा चौकसी बरत रही है। सपा के राष्ट्रीय नेतृत्व ने व्यवस्थाओं को अंजाम देने के लिए पूर्व सांसद तेजप्रताप यादव को प्रभारी बनाकर विधिक सहायता के लिए दो वकीलों को नामित किया है। दोनों वकीलों को मतगणना अभिकर्ता के रूप में मतगणना स्थल पर भेजा जाएगा।
मतगणना में धांधली की आशंका जताते हुए समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने पूर्व सांसद तेजप्रताप सिंह यादव को मैनपुरी जिले का प्रभारी बनाया है। पूर्व सांसद ने बुधवार को मैनपुरी पहुंचकर हाईकमान की रणनीति के तहत काम शुरू कर दिया है। अभिकर्ताओं को मतगणना स्थल पर पहुंचकर कार्य समाप्ति तक स्थल नहीं छोड़ने की हिदायत दी गई है। प्रत्याशियों को जीतने पर प्रमाणपत्र लेने के बाद ही मतगणना स्थल से बाहर आने को कहा गया है।
मतगणना में तकनीकी और विधिक समस्या होने पर विधिक सहायता के लिए दो वकीलों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। पूर्व डीजीसी (राजस्व) देवेंद्र सिंह यादव और पूर्व डीजीसी (क्रिमिनल) सुभाषचंद्र यादव को मतगणना अभिकर्ता बनाकर मतगणना स्थल पर भेजा गया है। दोनों वकीलों को पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व से मिले निर्देशों की जानकारी दे दी गई है। कार्यकर्ताओं को मतगणना स्थल पर पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं।
अखिलेश यादव करहल से हैं प्रत्याशी
करहल विधानसभा सीट से सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव चुनाव लड़ रहे हैं। उनके निर्वाचन अभिकर्ता की जिम्मेदारी पूर्व डीजीसी देवेंद्र सिंह यादव ने निभाई है। पूर्व डीजीसी सांसद मुलायम सिंह यादव के प्रतिनिधि भी रहे हैं। भाजपा से केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल के चुनाव लड़ने के बाद करहल सीट चर्चा में है। दोनों दल अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं।