भाजपा, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, राष्ट्रीय लोकदल के नेताओं ने चुनाव की तारीखें तय होने के बाद अपनी तैयारियों के पूरी होने का दावा किया और कहा कि नामांकन की तारीख से पहले प्रत्याशियों की सूची तय कर दी जाएगी।
चुनाव आयोग ने शनिवार शाम को जैसे ही पांच राज्यों के चुनाव की तारीखें तय कीं, राजनीतिक दलों के अंदर गहमागहमी बढ़ गई। टिकट के दावेदार चुनाव की रणभेरी बजने के साथ दोगुनी ताकत से लखनऊ और दिल्ली के संपर्कों के साथ सक्रिय हो गए।
विज्ञापन
पहले ही चरण में 10 फरवरी को आगरा में मतदान होने की जानकारी पर दावेदारों के साथ कार्यकर्ता भी चौंक गए। महज एक महीने का समय मतदान में बाकी है और अगले सप्ताह से नामांकन पत्रों को दाखिल करने का सिलसिला शुरू हो जाएगा। भाजपा, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, राष्ट्रीय लोकदल के नेताओं ने चुनाव की तारीखें तय होने के बाद अपनी तैयारियों के पूरी होने का दावा किया और कहा कि नामांकन की तारीख से पहले प्रत्याशियों की सूची तय कर दी जाएगी।
जल्द होगा सीटों पर तालमेल
सपा के साथ हम गठबंधन में चुनाव लड़ रहे हैं। जल्द ही सीटों के तालमेल के साथ प्रत्याशियों के नाम की घोषणा हो जाएगी। हमारे कार्यकर्ता पूरी ताकत के साथ विधानसभा क्षेत्र में तैयार हैं। - कुसुम चाहर, जिलाध्यक्ष, रालोद
विज्ञापन
सभी प्रत्याशी लगभग तय हुए
रविवार को लखनऊ में पार्टी अध्यक्ष के साथ बैठक होनी है। हमारे सभी सीटों के प्रत्याशी लगभग तय हो चुके हैं। इनके नाम की घोषणा आलाकमान की ओर से अगले सप्ताह कर दी जाएगी। कार्यकर्ता जोश में हैं। - गोरेलाल जाटव, मुख्य सेक्टर प्रभारी, बसपा
पन्ना प्रमुख तक संगठन है तैयार
पार्टी का संगठन बूथ से लेकर पन्ना प्रमुख तक मजबूत है। संगठन अपने हर प्रत्याशी को जिताने के लिए काम करेगा। हमारा संगठन दो माह पहले से ही बूथ स्तर तक तैयारी पूरी कर चुका है। ऐसे में घोषणा से जोश बढ़ गया है। - गिर्राज सिंह कुशवाहा, जिलाध्यक्ष, भाजपा
प्रत्याशियों के लिए काम करेंगे सभी
संगठन की मजबूती के लिए काफी समय से काम कर रहे हैं। अब पार्टी अपने प्रत्याशियों के लिए काम करेगी। शहर से लेकर देहात तक न्याय पंचायत स्तर तक कार्यकर्ता चुनाव के लिए तैयार है। - राघवेंद्र सिंह मीनू, जिलाध्यक्ष, कांग्रेस
जिले में हमारा संगठन मजबूत
जनता को बदलाव की जरूरत है। हमारा संगठन जिले में खासा मजबूत है। बूथ लेबल की बैठकें भी हो चुकी हैं। संगठन की तैयारी पूरी है। अब दिन-रात मेहनत करने का समय आ गया है। - मधुसूदन शर्मा, जिलाध्यक्ष, सपा
आयोग सुनिश्चित करे...संक्रमण न फैले
बीते साल पंचायत चुनाव और राज्यों के विधानसभा चुनाव के बाद कोरोना संक्रमण जिस तेजी से फैला, उससे आम लोग आशंकित हैं। उनका कहना है कि चुनाव आयोग ने ऑनलाइन नामांकन, चुनावी रैली पर 15 जनवरी तक रोक और जनसंपर्क में 5 लोगों की मौजूदगी के कदम तो उठाए हैं लेकिन राजनीतिक दल इनका पालन नहीं कर पाएंगे। चुनाव प्रक्रिया के दौरान संक्रमण न फैले, इसकी मांग लोगों ने चुनाव आयोग से की है। शहर के लोग विधानसभा चुनाव की घोषणा होने के बाद अपने मतदान के अधिकार का प्रयोग करने को लेकर तैयार हैं। सख्ती से नियमों का पालन जरूरी
चुनावी रैलियों पर रोक और नामांकन ऑनलाइन करने की व्यवस्था चुनाव आयोग का सराहनीय कदम है। एकदम नए तरीके से, नए अंदाज में इस बार के विधानसभा चुनाव होंगे। कोरोना संक्रमण न फैले, इसके लिए चुनाव आयोग सख्ती से नियमों का पालन कराए। - मनीष अग्रवाल, अध्यक्ष, नेशनल चैंबर आयोग जवाबदेही भी तय करे
चुनावी रैलियों और जनसंपर्क में 5 लोगों की संख्या तय करना अच्छा कदम है। चुनाव प्रक्रिया से कोरोना संक्रमण न फैले, इसकी जवाबदेही भी तय की जानी चाहिए। चुनाव आयोग के स्तर से यह जरूरी है। - सीए प्रार्थना जालान
ऑनलाइन मतदान की सुविधा हो
पहली बार ऑनलाइन नामांकन के जैसी व्यवस्था की है, वैसा ही मतदान में किया जाए। अगर मतदान भी ऑनलाइन होता तो ज्यादा अच्छा होता। तकनीकी का इस्तेमाल कभी न कभी तो करना होगा। इससे संक्रमण भी नहीं फैलेगा। - विकास कुमार, आर्किटेक्ट