विधानसभा के चुनाव आने वाले हैं। राजनीतिक दल अपने-अपने तरह से तैयारियां कर रहे हैं। विशेषकर कन्हैया की नगरी मथुरा में राजनीतिक गतिविधियों की शुरूआत यहां से ज्यादा होती है। अब प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ के मथुरा आने की तैयारी चल रही है। इस बार वह मथुरा से शुरू होने वाली रथयात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना कर सकते हैं। सीएम अगर न आए तो केंद्र से कोई बड़ा नेता आएगा।
राजनीतिक मंथन का केंद्र रहा वृंदावन
पिछले कुछ दिनों में वृंदावन राजनीतिक मंथन का केंद्र रहा है। भाजपा संगठन की बड़ी बैठकें यहां पर हुईं। सपा, कांग्रेस और बसपा भी बैठकें कर चुकी हैं। योगी ने पिछले दिनों 500 संतों को भोजन कराया था तो बसपा ने 1000 संतों को भोजन कराकर जवाब दिया था। सपा मुखिया अखिलेश यादव का रथ प्रदेश के विभिन्न जनपदों में घूम रहा है, कुछ दिनों में वह भी मथुरा आएगा। कांग्रेस भी बड़े स्तर पर कार्यकर्ता सम्मेलन कर चुकी है और शहर में घूमकर सत्तादल की नाकामियों को बता चुकी है।
रथ यात्रा निकालने की तैयारी
अब भाजपा भी पूरे प्रदेश में रथ यात्रा निकालने की तैयारी में जुट गई है। योजना यह है कि प्रदेश में छह स्थानों से रथ यात्रा निकाली जाए, जो विभिन्न जिलों में घूमते हुए उसका समापन लखनऊ में होना है। इनमें से एक स्थान मथुरा भी तय किया गया है। इसकी तिथि 15 से 18 दिसंबर के बीच रहेगी। शीघ्र ही इसका ऐलान कर दिया जाएगा। रथयात्रा विभिन्न जिलों में जाकर लोगों को सरकार द्वारा कराए गए कार्यों के बारे में बताया जाएगा। पूरे प्रदेश से घूमकर रथयात्रा लखनऊ में पहुंचेगी और वहां पर समापन होगा।