पुलिस के कहने पर विश्वविद्यालय के परीक्षक नियंत्रक डॉ. राजीव कुमार ने गेट पर मौजूद करीब 50 अभ्यर्थियों से बात की। सभी से प्रार्थनापत्र देने के लिए कहा। बताया कि एक-दो दिन में प्रमाणपत्र ऑनलाइन उपलब्ध हो जाएंगे।
उन्होंने कहा कि जिसको आवेदन फॉर्म भरने में दिक्कत आ रही है, वो नए सिरे से प्रक्रिया करें, उनका आवेदन स्वीकार हो जाएगा। इस संबंध में एजेंसी को कह दिया गया है।
परीक्षा नियंत्रक का कहना है कि वर्ष 2014 के बाद के सभी प्रमाणपत्रों को ऑनलाइन कर दिया गया है। वर्ष 2014 के पहले के करीब 3500 प्रमाणपत्र ऑफलाइन तैयार कर लिए गए हैं, इसे उपलब्ध कराने की व्यवस्था बनाई जा रही है।
सामाजिक दूरी का पालन भूले
प्रमाणपत्र लेने पहुंचे अभ्यर्थी विश्वविद्यालय के गेट नंबर दो पर अधिक संख्या में एकत्रित हो गए थे। सामाजिक दूरी का पालन भी नहीं किया जा रहा था। हालांकि गेट पर तैनात गार्ड अभ्यर्थियों को बीच-बीच में टोक रहा था। हरीपर्वत थाने की पुलिस ने अभ्यर्थियों को दूर-दूर खड़ा कराया।