आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की ओर से शैक्षणिक सत्र 2020-21 की मुख्य परीक्षा का परिणाम न जारी किए जाने पर शुक्रवार को भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय में कुलसचिव कार्यालय के बाहर विरोध-प्रदर्शन किया। अधिकारियों के ज्ञापन लेने न पहुंचने पर कुलसचिव कार्यालय के बाहर चैनल में ज्ञापन और चूड़ी बांधकर लटका दिया। अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। परीक्षा परिणामों को जल्द से जल्द घोषित किए जाने की मांग की।
विश्वविद्यालय प्रशासन को शासनादेश के अनुसार 31 अगस्त तक सारे परीक्षा परिणाम जारी करने थे। परिणाम जारी होने में देरी का असर आगामी शैक्षणिक सत्र पर पड़ रहा है। एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय आवासीय इकाई के संस्थानों में छात्रावास की व्यवस्था करने, प्लेसमेंट सेल की व्यवस्था करने, विश्वविद्यालय की एजेंसी को हटाए जाने, संस्थानों में शौचालय व पानी की व्यवस्था करने और वर्ष 2015 से 2020 तक के ऑनलाइन सिस्टम में सुधार करने की भी मांग रखी है।
विरोध प्रदर्शन में एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष सतीश सिकरवार, प्रदेश महासचिव अंकुश गौतम, ललित त्यागी, प्रदेश सचिव कुलदीप दीक्षित, नितिन प्रताप, राष्ट्रीय संयोजक मान्या शर्मा, रुचि, आकाश चंद्रा, विकास कुमार, लकी यादव, उत्कर्ष उपाध्याय, जोगिंदर सिंह, हेमंत जादौन, सौरभ कुशवाहा, शिवम सिंह, अजय बघेल, आकाश धनगर आदि मौजूद रहे।
विश्वविद्यालय में विभिन्न कार्यों से बाहर से आए छात्र-छात्राओं को परेशान होना पड़ा। एनएसयूआई के कार्यकर्ता विरोध-प्रदर्शन के लिए प्रांगण में प्रवेश न कर सकें, इसके लिए दोपहर करीब एक बजे विश्वविद्यालय के सभी गेट बंद करा दिए गए। हेल्प डेस्क से छात्रों ने अंदर अधिकारियों के पास जाने के लिए पास बनवाया पर उन्हें गेट पर रोक दिया। कॉलेजों के प्रतिनिधि भी विभिन्न कार्यों से पहुंचे थे, उन्हें भी अंदर नहीं जाने दिया गया। कुछ छात्र बैंक के रास्ते अंदर पहुंचे। एक घंटे बाद गेट खोला गया।