केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग, इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि परिवहन और लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में एआई के जुड़ने से सटीक समय प्रबंधन, संसाधनों के बेहतर उपयोग और सुरक्षा प्रणालियों को और अधिक पुख्ता करने में मदद मिलेगी। सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश का हर नागरिक तकनीक की इस नई क्रांति का हिस्सा बने।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आज की अनिवार्य जरूरत है। एआई की यह ट्रेन प्लेटफॉर्म पर खड़ी है। यदि हमने इसे नहीं पकड़ा तो वैश्विक प्रगति की दौड़ में देश पीछे छूट जाएगा। ये विचार केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग, इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री जितिन प्रसाद ने व्यक्त किए। वह शनिवार को फतेहाबाद रोड स्थित एक होटल में आयोजित फ्यूचर रेडी कॉन्क्लेव के समापन समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
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केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि एआई अब चुनिंदा क्षेत्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश के परिवहन और रेलवे नेटवर्क को आधुनिक बनाने में भी गेम-चेंजर साबित होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिस तरह देश में 5जी/6जी नेटवर्क और मजबूत डिजिटल बुनियादी ढांचा तैयार किया जा चुका है। उसी तरह अब हर क्षेत्र में एआई का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि आधुनिक भारत में तकनीक का लाभ केवल बड़े महानगरों तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि टियर-2 और टियर-3 शहरों से लेकर सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों तक इसका विस्तार किया जाएगा। परिवहन और लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में एआई के जुड़ने से सटीक समय प्रबंधन, संसाधनों के बेहतर उपयोग और सुरक्षा प्रणालियों को और अधिक पुख्ता करने में मदद मिलेगी। सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश का हर नागरिक तकनीक की इस नई क्रांति का हिस्सा बने।
स्थापित होंगी एआई लैब्स, पर्यटन और चमड़ा उद्योग को मिलेगी रफ्तार
केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ एआई सिटी घोषित है। नोएडा से लेकर अन्य शहरों में डाटा सेंटर व एआई लैब्स स्थापित होंगी। सीसीएलए और एसोचैम के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कॉन्क्लेव में उन्होंने कहा कि ताजनगरी में वर्चुअल टूरिज्म, विदेशी पर्यटकों के लिए बहुभाषी गाइड सुविधा और एआई आधारित शॉर्ट फिल्मों के जरिये पर्यटन को नए पंख लग सकते हैं। चमड़ा और पर्यटन उद्योगों को रफ्तार मिलेगी। कॉन्क्लेव में केंद्रीय राज्यमंत्री एसपी सिंह बघेल, उच्च शिक्षामंत्री योगेंद्र उपाध्याय के अलावा कार्पोरेट काउंसिल फाॅर लीडरशिप एंड अवेयरनेस (सीसीएलए) के चेयरमैन पूरन डावर, एके सिंह, किशोर खन्ना आदि ने विचार व्यक्त किए। कॉन्क्लेव में नेशनल चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स के अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल, लघु उद्योग भारती के जिलाध्यक्ष विजय गुप्ता, राजेश गर्ग, निदेशक ओएनजीसी सत्यम कुमार, वाईके गुप्ता, राजकुमार गुप्ता, बीना लवानिया और गोविंद शर्मा मौजूद रहे।
एमएसएमई और फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से वैश्विक बाजार में पहुंच
केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) की बदौलत भारत के लघु सूक्ष्म और मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) के लिए वैश्विक बाजारों के द्वार खुल गए हैं, जिससे देश के छोटे उत्पादक भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हजारों करोड़ का व्यापार कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यूरोपियन यूनियन (ईयू) के साथ जो फ्री ट्रेड एग्रीमेंट वर्षों से अटका हुआ था, वह इस सरकार में एक वर्ष के भीतर पूरा होकर लागू होने के करीब आ गया है। उन्होंने युवा उद्यमियों और एमएसएमई संचालकों का आह्वान करते हुए कहा कि वे भारत को केवल एक साधारण मार्केट न समझें, बल्कि गुणवत्ता पर पूरा जोर देते हुए विश्व स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाएं।