दोनों के जाने के बाद जगदीश प्रसाद ने पायल रखने के लिए अलमारी खोली। उसमें जेवरात का डिब्बा नहीं देखकर उनके होश उड़ गए। वह युवकों तलाशने के लिए बाइक से रामबाग तक आए, लेकिन उनका कहीं पता नहीं चल सका। बाद में पुलिस को सूचना दी। इस पर थाना प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र शंकर पांडेय आ गए। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई।
खुले थे बदमाशों के चेहरे
पीड़ित दुकानदार का कहना है कि डिब्बे में तकरीबन 200 ग्राम सोने के जेवरात रखे हुए थे। इसकी कीमत तकरीबन आठ लाख रुपये है। पुलिस सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की मदद से आरोपियों की तलाश कर रही है। युवकों की उम्र 30 साल के आसपास है। उन्होंने अपना चेहरा भी नहीं छिपाया था।
पहले भी हो चुकी हैं वारदात
शहर में ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। सराफ को बदमाश पहले भी निशाना बना चुके हैं। पूर्व में भी एत्माद्दौला क्षेत्र में एक दुकान के यहां ग्राहक बनकर आए बदमाश गहने ले गए थे। इस मामले में भी पुलिस से शिकायत की गई थी।