आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से संबद्ध एडेड कॉलेजों में शैक्षणिक सत्र 2021-22 से नई शिक्षा नीति को लागू किया जाना है। स्नातक पाठ्यक्रमों में उसी के अनुरूप विद्यार्थियों को विषयों का विकल्प दिया जाना है और पढ़ाई करानी है। प्रत्येक वर्ष दो (प्रति सेमेस्टर एक) व्यावसायिक पाठ्यक्रम पढ़ाया जाना है। कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया हो गई है। पर, प्रत्येक सेमेस्टर में पढ़ाए जाने वाले व्यावसायिक पाठ्यक्रमों को अभी मान्यता नहीं मिली है।
आगरा कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसके मिश्रा का कहना है कि किस सेमेस्टर में कौन सा व्यावसायिक पाठ्यक्रम पढ़ाया जाना है, इसकी योजना बना ली गई है। जिन व्यावसायिक पाठ्यक्रमों को पढ़ाया जाना है, अभी उन्हें मान्यता नहीं मिली है। जबकि पढ़ाए जाने वाले पाठ्यक्रमों की मान्यता जरूरी होती है। वहीं, सेंट जोंस कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह का कहना है कि कुछ व्यावसायिक पाठ्यक्रम पहले से मान्यता प्राप्त हैं। कुछ पाठ्यक्रमों की मान्यता ली जानी है। पहले इसे विश्वविद्यालय की बोर्ड ऑफ स्टडीज से मान्यता दी जाएगी। इसके बाद विद्या परिषद और कार्य परिषद में रखा जाएगा। तभी पाठ्यक्रमों को पढ़ाया जा सकेगा।
इधर, कॉलेजों ने प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी है। अभी तक विद्यार्थियों को पता नहीं है कि उन्हें कौन से व्यावसायिक पाठ्यक्रम और किस सत्र में पढ़ने हैं। कॉलेज इस संबंध में विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से दिशा-निर्देश जारी किए जाने का इंतजार कर रहे हैं। विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी प्रो. प्रदीप श्रीधर का कहना है कि इस संबंध जल्द कुलपति की अध्यक्षता में बैठक होनी है। इसके बाद कोई निर्णय लिया जाएगा।
आगरा। नई शिक्षा नीति के अनुरूप प्रवेश लेने के लिए कॉलेज अभी तक विषयों का पूल बनाने में जुटे हैं। नियमानुसार छात्र-छात्राओं को दूसरे संकाय के विषयों को चुनने का विकल्प दिया जाना है। आगरा कॉलेज के प्राचार्य ने बताया कि उनके यहां आवेदन की प्रक्रिया दो-तीन दिन बाद ऑनलाइन शुरू हो जाएगी, आवेदन के समय ही विषयों को चुनने का विकल्प दिया जाएगा। सेंट जोंस कॉलेज के प्राचार्य का कहना है कि उन्होंने फार्मूला तो बना लिया है, प्रवेश के समय ही छात्र-छात्राओं को विषय चुनने का विकल्प दिया जाएगा।