दो मरीजों की मौत, डायबिटीज से पीड़ित थे
- अनियमित दिनचर्या और गलत खान पान से बढ़ रहे डायबिटीज के मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
मैनपुरी। भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों की सेहत बिगड़ रही है और बीमारियां घेर रही हैं। अनियमित दिनचर्या और गलत खानपान से डायबिटीज के मरीज लगातार बढ़ते जा रहे हैं। पिछले 24 घंटे में अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती दो मरीजों ने दम तोड़ दिया। वहीं 22 मरीजों ने अस्पताल पहुंचकर जांच कराई।
महाराजा तेज सिंह जिला अस्पताल की ओपीडी में सोमवार को मरीजों की भीड़ देखी गई। इनमें डायबिटीज के मरीजों की संख्या भी अधिक रही। जिला अस्पताल में सोमवार को डायबिटीज के 65 मरीज पहुंचे इनके द्वारा डायबिटीज की जांच कराई गई। गांव रठेरा निवासी स्वर्गीय सर्वेश कुमार की 55 वर्षीय पत्नी ममता को भी पिछले कुछ दिनों से डायबिटीज की दिक्कत थी। परिजन उन्हें लेकर रविवार को जिला अस्पताल पहुंये। यहां से गंभीर हालत में उन्हें आगरा के लिए रेफर कर दिया गया। आगरा में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
शहर के मोहल्ला भरतवाल निवासी 71 वर्षीय मगन बिहारी को पिछले कुछ दिनों से डायबिटीज थी। परिजन ने रविवार की रात उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया। यहां अचानक उन्हें सांस लेने में दिक्कत हुई और उनकी मौत हो गई।
टाइप एक डायबिटीज
महाराजा तेज सिंह जिला अस्पताल के चेस्ट फिजीशियन डॉ. धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि डायबिटीज दो तरह की होती हैं। टाइप 1 किसी भी उम्र में हो सकती है। लेकिन यह वर्तमान में बच्चों और युवाओं को भी घेर रही है। इसमें इंसुलिन बनना बंद हो जाता है और बीमारी बढ़ती है।
टाइप दो डायबिटीज
महाराजा तेज सिंह जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. जेजे राम बताते हैं कि टाइप दो डायबिटीज से पीड़ित लोगों के खून में शुगर का स्तर बढ़ जाता है। मरीज को बार-बार लघुशंका के लिए जाना पड़ता है। शरीर इंसुलिन का सही तरीके से प्रयोग नहीं कर पाता है।
इन बातों पर दें ध्यान
- नियमित व्यायाम करना चाहिए। योगाभ्यास से भी डायबिटीज को नियंत्रित किया जा सकता है। रोज पैदल जरूर चलना चाहिए।
- तनावमुक्त जीवनशैली को अपनाना चाहिए। नींद पूरी लें, खानपान की आदतों में सुधार करें। सफेद चीजों से परहेज करें। मैदा, मिठाई, चीनी, आलू का कम से कम प्रयोग करें।
- पत्तेदार सब्जियों का प्रयोग करना चाहिए। नियमित डाइट में पत्तेदार सब्जियों को शामिल करें। पत्तेदार सब्जियों से ब्लड शुगर नियंत्रित रहता है।
- दालचीनी से ब्लड सुगर का स्तर नियंत्रित रहता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट की भी भरपूर मात्रा होती है। नियमित प्रयोग से शुगर का खतरा कम हो जाता है।
- हल्दी का अपने औषधीय गुणों की वजह से घर-घर में प्रयोग किया जाता है। डायबिटीज में भी हल्दी से लाभ मिलता है।
वर्जन
डायबिटीज का समय से उपचार लेते रहना चाहिए। यदि उपचार में लापरवाही होती है तो डायबिटीज के मरीज को हार्ट अटैक के साथ ही ब्रेन हेमरेज हो सकता है। जिला अस्पताल में आने वाले दोनों मरीजों को डायबिटीज का लेवल अधिक बढ़ने क कारण हार्ट अटैक हो गया। इसके चलते उनकी हालत बिगड़ी। एक को रेफर कर दिया गया था दूसरे को रेफर किया जाता इससे पहले ही उसकी मौत हो गई।
डॉ. मदनलाल, सीएमएस