सदस्यों ने परिवहन विभाग के नाम से मिलती जुलती कई वेबसाइट बना रखी हैं। इनके यूजर भी तैयार किए जाते हैं। इन्हें विभिन्न राज्यों के सदस्यों को बांट दिया जाता है। राज्यों की सीमा पर आरटीओ टैक्स कलेक्शन के नाम से बूथ लगाए जाते हैं।
मोबाइल पर वेबसाइट से आता है मैसेज
वेबसाइट के माध्यम से टैक्स जमा होने की फर्जी रसीद तैयार की जाती है। यह बिल्कुल राज्य के परिवहन विभाग की तरह होती है। इसके बाद वेबसाइट से ही एक मैसेज आवेदक के मोबाइल नंबर पर भेज दिया जाता है, जिससे उसे विश्वास हो जाता है कि टैक्स जमा हो गया।
उत्तर प्रदेश के अलावा उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, बिहार सहित अन्य राज्यों में बूथ चल रहे हैं। रसीद पर विभाग की मुहर भी लगाई जाती है। इस तरह से गैंग करोड़ों रुपये कमा चुका है।
ये हुई बरामदगी
पुलिस ने आरोपियों से एक लैपटॉप, दो एप्पल आईफोन, एक अन्य मोबाइल, कार, नौ क्रेडिट और डेबिट कार्ड, छह सिम, दो आधार कार्ड, पांच फर्जी वेबसाइट और दस्तावेज बरामद किए।