भ्रूण परीक्षण करने वाले गिरोह का पर्दाफाश
- फोटो : अमर उजाला
आगरा में पुलिस ने बाईंपुर स्थित एक घर में पकड़े गए भ्रूण लिंग जांच गैंग के दो सहयोगी डॉक्टरों को चिह्नित किया है। आरोपियों ने एक का नाम डॉ. आरके उर्फ डॉ. गुप्ता बताया है। आरोपियों के फोन में कॉल डिटेल भी मिली है। ये भ्रूण लिंग जांच और गर्भपात में सहयोग करते थे।
सिकंदरा थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपियों से 6 मोबाइल जब्त किए थे। कॉल डिटेल की जांच की तो कई डॉक्टरों के नंबर दर्ज मिले। पूछताछ में दो डॉक्टरों से कई बार बात सामने आई। एक का नाम डॉ. आरके उर्फ डॉ. गुप्ता बताया गया। ये आगरा के हैं। दूसरे डॉक्टर का नाम पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। शक जताया जा रहा है कि कोख में बेटी की पहचान होने के बाद इन्हीं डॉक्टरों के माध्यम से गर्भपात कराया जाता था।
मशीन पुरानी, सीरियल नंबर भी हटाया
रैकेट पकड़ने वाली टीम में शामिल रहे पीसीपीएनडीटी सेल के नोडल अधिकारी डॉ. सुरेंद्र मोहन प्रजापति ने बताया कि पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन जब्त की थी। उसका सीरियल नंबर हटा दिया गया था। ये पुरानी मशीन कहीं से खरीदकर लाते थे। मशीन पर सीरियल नंबर से निर्माता कंपनी और किस चिकित्सक के नाम पर जारी हुई, इसका विवरण दर्ज होता है। इसी वजह से आरोपियों ने सीरियल नंबर हटा दिया। पुलिस का कहना है कि मशीनें कहां से खरीदी और किसने सहयोग किया, इसकी भी जांच चल रही है।
अस्पतालों में भी करा रहे हैं जांच
सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि विभाग में 285 अल्ट्रासाउंड सेंटर पंजीकृत हैं। इनका ऑडिट चल रहा है। इसमें अब तक 152 सेंटरों की मशीनों का सत्यापन हो गया है। पुरानी मशीनों को भी जांचा गया है, जिसमें मौके पर कई खराब भी मिलीं। बाकी के सेंटरों की भी जांच कर रहे हैं।