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Agra News: वन्य जीव संरक्षण सूची से बाहर हुए बंदर तो उन्हें पकड़ने लगे कलंदर, पांच सौ से अधिक पिंजरे में बंद

Thu, 10 Aug 2023 01:37 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला, आगरा

सार

आगरा में वन्य जीव संरक्षण सूची से बाहर हुए बंदर तो कलंदर उन्हें पकड़ने लगे। दो दिन में पांच सौ से अधिक बंदरों को ग्रामीणों ने पकड़वाया। 
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Agra News: वन्य जीव संरक्षण सूची से बाहर हुए बंदर तो उन्हें पकड़ने लगे कलंदर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ताजनगरी आगरा में बंदरों की बढ़ती संख्या और उनके उत्पात से परेशान ग्रामीणों ने उन्हें पकड़वाने का खुद ही बीड़ा उठाया है। कई गांवों में बंदरों को पकड़ कर दूर जंगलों में छोड़े जाने वालों के लिए कलंदर जाति के लोगों को ठेका दिया गया है। ग्रामीणों ने चंदा करके यह पहल की है। दरअसल, वन्य जीव संरक्षण सूची से बंदर अब बाहर हो चुके हैं, ऐसे में उनके सूची से बाहर होते ही उन्हें कलंदरों को पकड़ने के लिए जिम्मेदारी दे दी गई है।

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वन विभाग खेरागढ़ की रेंज ऑफिसर आयशा नसीम ने बताया कि बंदर अब वन्य जीव संरक्षण की श्रेणी में नहीं है। इन्हें वन्यजीव संरक्षण श्रेणी से हटा दिया गया है। नगर निगम, नगर पालिका, ग्राम पंचायतें अब इन्हें पकड़ सकते हैं। उप-जिलाधिकारी खेरागढ़ ने कहा कि बंदरों को पकड़कर भगाने वाले इस बात का ध्यान रखें कि बंदरों को पकड़ कर अनुकूल वातावरण वाले स्थानों पर छोड़ा जाय और इस कार्य में बंदरों का उत्पीड़न कतई न हो।

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कागारौल से 180 बंदर पकड़े

बंदरों के आतंक से परेशान होकर ग्रामीणों ने कस्बे के बड़े मंदिर प्रांगण में प्रधान के नेतृत्व में एक पंचायत की, जिसमें चंदा एकत्र किया गया। बुधवार को छह जाल लगाकर 180 बंदर पकड़े गए। कस्बे में दो हजार से ज्यादा बंदर हैं। सोमवार को 350 बंदर पकड़े गए थे, जिन्हें बाहर जंगल में छोड़ा गया है।

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डीएफओ आदर्श कुमार ने कहा कि बंदर को वन्य जीव संरक्षण कानून की श्रेणी से हटा दिया गया है। अब बंदर पकड़ने का काम नगर निगम और निकायों के पास आ गया है। जो लोग पकड़ रहे हैं, वह बिना नुकसान पहुंचाए पकड़ें। वन विभाग की अनुमति अब आवश्यक नहीं है।

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