अधीक्षण पुरातत्वविद डॉ. राजकुमार पटेल ने बताया कि रमजान में ताज रात्रि दर्शन नहीं होता है। अगले माह मई में रात्रि दर्शन होगा। उन्होंने बताया कि तरावीह में ताजमहल जाने वाले अकीकतमंदों की पहले रजिस्टर में एंट्री होती है। इसके बाद पूर्वी गेट से स्मारक में प्रवेश दिया जाता है।
एक दिन पूर्व बुक कराना होता है टिकट
सुप्रीम कोर्ट के नवंबर 2004 के आदेश के अनुसार एक दिन में आधा-आधा घंटे के आठ स्लाट में ताज रात्रि दर्शन कराया जाता है। एक स्लॉट में अधिकतम 50 पर्यटकों के बैच को प्रवेश मिलता है। पूर्णिमा पर पांच दिनों तक रात 8:30 से 12:30 बजे तक होने वाले रात्रि दर्शन के लिए एक दिन पूर्व एएसआई के माल रोड स्थित ऑफिस से टिकट बुक कराना होता है।