ताजमहल में एक बार फिर नमाज पढ़ने का मामला सामने आया है। सोमवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें एक पर्यटक उद्यान में नमाज पढ़ता दिखाई दे रहा है। पास में एक महिला भी बैठी हुई है। एएसआई के अधिकारी का कहना है कि यह वीडियो कब का है, इसकी जांच कराई जा रही है। उधर, इस मामले में अखिल भारत हिंदू महासभा ने नाराजगी जताई है।
शुक्रवार को साप्ताहिक बंदी में केवल दो घंटे के लिए ताजमहल को स्थानीय नमाजियों के लिए खोला जाता है। अन्य दिनों में स्मारक परिसर में धार्मिक गतिविधि की अनुमति नहीं है। इसके बावजूद आए दिन पर्यटकों द्वारा नमाज पढ़ने के मामले सामने आते रहते हैं। सोमवार जो वीडियो वायरल हुआ है, उसमें भी एक पर्यटक नमाज पढ़ता दिखाई दे रहा है।
हिंदूवादी संगठन ने की कार्रवाई की मांग
वीडियो वायरल होने के बाद जहां एएसआई और सीआईएसएफ में खलबली मच गई, वहीं हिंदूवादी संगठनों में आक्रोश फैल गया। अखिल भारत हिंदू महासभा ने मामले में कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में संगठन के लोगों ने एएसआई को ज्ञापन सौंपा है। वहीं अधीक्षण पुरातत्वविद डॉ. राजकुमार पटेल ने बताया कि वीडियो की जांच कराई जा रही है। यह कब का है, यह कहना मुश्किल है।
ताज में नमाज का विरोध
ताजमहल में सेंट्रल टैंक के पास बागीचे में नमाज पढ़ने का वीडियो वायरल होने के बाद अखिल भारत हिंदू महासभा ने माल रोड स्थित भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया और हनुमान चालीसा की प्रतियां वितरित करने के बाद चेतावनी दी कि अगर नमाज पर रोक न लगाई तो ताजमहल में हनुमान चालीसा पढ़ेंगे। हिंदू महासभा की महिला मोर्चा अध्यक्ष बीना दिवाकर के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने एएसआई के माल रोड कायालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान धर्मेंद्र शर्मा, सौरभ शर्मा, प्रिंस कुमार, अर्जुन राठौर, कृष्णा राठौर, अंकित चौहान आदि मौजूद रहे। ब्यूरो