नींद की एक झपकी हादसे की वजह बन जाती है। इसलिए वाहन चलाते वक्त जरा सी भी सुस्ती महसूस हो तो तुरंत गाड़ी सड़क किनारे खड़ी कर लें। मथुरा में शनिवार को आगरा-दिल्ली हाईवे पर कार चालक को नींद की झपकी आने से भीषण हादसा हो गया। कार हाईवे पर खड़े ट्रक से टकरा गई। हादसे में मासूम बच्ची समेत दो लोगों की जान चली गई, जबकि चार अन्य घायल हो गए।
पिछले तीन महीनों की बात करें तो मथुरा में इस प्रकार के 23 हादसे हो चुके हैं। इनमें 10 से ज्यादा लोग मर गए, जबकि 80 से अधिक घायल हुए। इनमें से अधिकांश वही थे जो लंबे समय से ड्राइविंग कर रहे थे या फिर नींद पूरी नहीं हो पाई थी। चालक के पलक झपकते ही वाहन या तो पलट गया या फिर किसी अन्य वाहन से टकरा गया।
10-10 घंटे लगातार ड्राइविंग। कहीं रुके बिना सैकड़ों किलोमीटर का सफर। रात को नींद पूरी हुई नहीं कि सुबह को फिर गाड़ी लेकर निकल पड़े। आमतौर पर ऐसी ही स्थिति में ही ड्राइवरों को नींद की झपकी आती है। यमुना एक्सप्रेसवे पर तो इस तरह के तमाम मामले सामने आते हैं।