आगरा की पॉश कॉलोनियों में डेंगू के टाइगर मच्छर का प्रकोप सबसे ज्यादा रहा। शहर की पांच पॉश क्षेत्र में डेंगू के 118 मरीज मिले हैं। अक्तूबर में बच्चों के मुकाबले दोगुना वयस्क मरीज मिले। सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि शहर की दयालबाग, कमला नगर, आवास विकास कॉलोनी समेत पांच कॉलोनियों में सबसे ज्यादा डेंगू के 118 मामले मिले। इसकी वजह डेंगू का एडीज एजिप्टाई मच्छर रहा, जो 25 से 40 एमएल साफ पानी में पनप जाता है। इन क्षेत्रों के घरों में सर्वेे करने टीम जब गई तो एसी से टपकने वाले पानी के डिब्बे, कूलर में डेंगू का लारवा मिला था। अधिकांश एसी के पानी में लारवा पाया गया। पहले चरण सितंबर में डेंगू बच्चों में ज्यादा मिल रहा था। शुरूआती महीने में 70 फीसदी बच्चे रहे। अक्तूबर- नवंबर में वयस्क मरीज तेजी से बढ़े और इन दो महीनों में बच्चों की संख्या 20 से 30 फीसदी तक रह गई।
देहात में 258 मरीज
डेंगू के कुल 902 मरीजों में शहरी क्षेत्र में सबसे ज्यादा 644 मरीज मिले। इनमें से दयालबाग, कमला नगर, यमुनापार, आवास विकास कॉलोनी, विभव नगर में सबसे ज्यादा मामले पाए गए। देहात में 258 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई। इनमें से पिनाहट, बरौली अहीर, अकोला में सबसे ज्यादा मामले मिले।
2007 में आगरा में मिला पहला डेंगू मरीज
जिला मलेरिया अधिकारी आरके दीक्षित ने बताया कि आगरा में डेंगू का पहला मरीज 2007 अगस्त में मिला था। पहली बार एलाइजा जांच शुरू हुई थी। 2006 में दिल्ली में डेंगू के प्रकोप के चलते 2006 में इसकी नई गाइड लाइन बनी और आगरा से वह विशेष प्रशिक्षण के लिए लखनऊ गए थे। इससे पहले फिरोजाबाद में 2003 में डेंगू मिला था। उस दौरान वहीं तैनाती थी।