उत्तर प्रदेश के आगरा में यमुना में बहकर आई भूसे की बुर्जी को पकड़ने के लालच में पड़कर पिढौरा के गगनकी गांव के तीन लोग बह गए। ढाई घंटे तक उनकी जान सांसत में पड़ी रही। बटेश्वर के घाट पर मौजूद मोटरबोट के चालक एक किमी पीछा कर उनको बाहर निकालने में कामयाब हो सके।
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गगनकी गांव के मान सिंह, चंद्रभान, कामता प्रसाद को सोमवार की सुबह छह बजे के करीब गांव के पास से यमुना नदी में बहती हुई भूसे की बुर्जी दिखाई दी। तीनों ने भूसे के लालच में बुर्जी को पकड़ने का प्रयास किया। इसी जद्दोजहद में तीनों बुर्जी के साथ बह गए। जान सांसत में पड़ी देख उन्होंने बुर्जी पर से ही मोबाइल फोन से रिश्तेदारों को सिद्धपुरा में बहकर आने की जानकारी दी। करीब 11 किमी बहते हुए बटेश्वर के घाट से होकर चीख पुकार मचाते हुए गुजरे।
घाट पर पीडब्ल्यूडी की मोटरबोट के साथ मौजूद भरतार के छुन्नी, अनिल, अंकित आदि ने बुर्जी पर खड़े लोगों की चीख पुकार सुनी। इस पर वह उनको बचाने के लिए मोटरबोट के साथ पीछे चल दिए। बुर्जी को पकड़ने के चक्कर में कई बार मोटरबोट असंतुलित होने से बची। करीब एक किमी पीछा करने के बाद रंजीतपुरा और सिद्धपुरा के बीच भूसे की बुर्जी को खींचकर नदी के किनारे ले जाने में कामयाब हुए।
इसके बाद रस्सा डालकर तीनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। पहले से मौजूद रिश्तेदारों की मदद से भूसे की बुर्जी को भी किनारे पर खींच ले गए। मौके पर बाह पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। बुर्जी में सिर्फ भूसा ही था। बुर्जी सवार सुरक्षित हैं। यह देख पुलिस वापस लौट गई। गगनकी पहुंच कर लेखपाल विमल शर्मा ने उनसे पूछताछ की। लोगों को इस तरह जान जोखिम में न डालने की हिदायत दी।