एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि सेना की ओर से 10 से अधिक युवकों की सूची दी गई है। इनमें से तीन को पकड़ लिया गया। अब बाकी के बारे में भी पड़ताल की जानी हैं। हालांकि बाकी युवक अभी आए नहीं हैं। वहीं फर्जी तरीके से तैयार किए गए मूल निवास प्रमाण पत्रों का सत्यापन भी सरकारी विभाग के कर्मचारियों ने किया है। अब वह भी जांच के घेरे में आएंगे।
जिस जिले की भर्ती, वहीं का युवक
पुलिस की जांच में पता चला है कि जिस जिले में भर्ती होती है, उस जिले के अभ्यर्थी ही शामिल हो सकते हैं। मगर, फर्जीवाड़ा करने वाले अभ्यर्थी अपने जिले की भर्ती में पास नहीं हो सके। इसलिए दूसरे जिले की भर्ती में शामिल हुए। इसके लिए फर्जी दस्तावेजों का प्रयोग किया।
बस ट्रेनिंग पर जाना था बाकी
हरकेश, आदेश और हरिओम को भर्ती होने के बाद ट्रेनिंग पर जाना था। इसके लिए तीनों पूरी तैयारी के साथ आए थे। मगर, उन्हें पता नहीं था कि दस्तावेज फिर से दिखाने में फंस जाएंगे। जांच अधिकारी ने उन्हें कुछ ही देर में पकड़ लिया। गहनता से पूछताछ हुई तो उन्होंने सच उगल दिया।
ताजगंज पुलिस ने पिछले दिनों सेना में भर्ती कराने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले गैंग के सदस्यों को गिरफ्तार किया था। इनमें गांव बुढ़ेरा का राकेश चौधरी भी था। वह गैंग का सरगना था। उसने युवकों से रकम लेकर गांव में करोड़ों की प्रापर्टी बनाई थी।
इसके अलावा गैंग के सदस्य शामली में पकड़े गए थे। वह फर्जी दस्तावेज तैयार कराते थे। अब पुलिस गिरफ्तार युवकों से पूछताछ में लगी है कि दस्तावेज कहां से तैयार कराए? राकेश चौधरी गैंग से तो उनका कोई संपर्क नहीं था? यह पता किया जा रहा है।
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