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आगरा: फर्जी निवासी प्रमाणपत्र लगाकर सेना में भर्ती हुए तीन युवक गिरफ्तार, मुकदमा दर्ज

Fri, 24 Jul 2020 12:20 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

  • इन युवकों की गिरफ्तारी से पहले आगरा में एक सेना में फर्जी दस्तावेज से नौकरी लगवाने का झांसा देने वाला गिरोह पकड़ा जा चुका है। यह गिरोह करीब 200 युवकों से धोखाधड़ी कर चुका था।   
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arrested - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा में फर्जी मूल निवास प्रमाण पत्र लगाकर बुलंदशहर के दो और इटावा का एक युवक सेना में भर्ती हो गया। मगर, ट्रेनिंग पर जाने से पहले दस्तावेज सत्यापन में पकड़े गए। एआरओ ने तीनों को सदर पुलिस के हवाले कर दिया। उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। तीनों आरोपियों से पुलिस जांच कर रही है।  

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एसएसपी बबलू कुमार के मुताबिक, आरोपियों में बुलंदशहर के थाना अरनिया स्थित भोजगिरी निवासी हरकेश सिंह, बुलंदशहर के ही जगीराबाद स्थित नगला पत्तापुर निवासी आदेश और इटावा के वैदपुर स्थित गांव नगरिया गड़रियान  निवासी हरिओम हैं। तीनों के खिलाफ सेना भर्ती अधिकारी नंदलाल ने थाना सदर में मुकदमा दर्ज कराया है। 


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उन पर आरोप है कि तीनों ने मूल निवास प्रमाण पत्र फर्जी लगाए थे। इनको सत्यापित भी कराया। तीनों फर्जी दस्तावेज की मदद से इटावा की भर्ती में शामिल हो गए थे। दौड़, शारीरिक मानक एवं दक्षता परीक्षण के साथ ही मेडिकल की प्रक्रिया में पास हो गए थे। भर्ती के बाद ट्रेनिंग पर जाने के लिए आए थे। 

तीनों के आखिरी बार दस्तावेजों का सत्यापन किया गया। इसमें मूल निवास प्रमाण पत्र के फर्जी होने का पता चला। इस पर आरोपियों को थाना सदर पुलिस के हवाले कर दिया गया। इटावा के हरिओम की तहसील अलग थी। उसने फर्जी मूल निवास प्रमाण पत्र बनवाया था। 

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सत्यापन करने वाले जांच के घेरे में

एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि सेना की ओर से 10 से अधिक युवकों की सूची दी गई है। इनमें से तीन को पकड़ लिया गया। अब बाकी के बारे में भी पड़ताल की जानी हैं। हालांकि बाकी युवक अभी आए नहीं हैं। वहीं फर्जी तरीके से तैयार किए गए मूल निवास प्रमाण पत्रों का सत्यापन भी सरकारी विभाग के कर्मचारियों ने किया है। अब वह भी जांच के घेरे में आएंगे। 

जिस जिले की भर्ती, वहीं का युवक 

पुलिस की जांच में पता चला है कि जिस जिले में भर्ती होती है, उस जिले के अभ्यर्थी ही शामिल हो सकते हैं। मगर, फर्जीवाड़ा करने वाले अभ्यर्थी अपने जिले की भर्ती में पास नहीं हो सके। इसलिए दूसरे जिले की भर्ती में शामिल हुए। इसके लिए फर्जी दस्तावेजों का प्रयोग किया। 

बस ट्रेनिंग पर जाना था बाकी 

हरकेश, आदेश और हरिओम को भर्ती होने के बाद ट्रेनिंग पर जाना था। इसके लिए तीनों पूरी तैयारी के साथ आए थे। मगर, उन्हें पता नहीं था कि दस्तावेज फिर से दिखाने में फंस जाएंगे। जांच अधिकारी ने उन्हें कुछ ही देर में पकड़ लिया। गहनता से पूछताछ हुई तो उन्होंने सच उगल दिया।
 
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आगरा में पहले पकड़ा जा चुका है गैंग 

ताजगंज पुलिस ने पिछले दिनों सेना में भर्ती कराने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले गैंग के सदस्यों को गिरफ्तार किया था। इनमें गांव बुढ़ेरा का राकेश चौधरी भी था। वह गैंग का सरगना था। उसने युवकों से रकम लेकर गांव में करोड़ों की प्रापर्टी बनाई थी। 

इसके अलावा गैंग के सदस्य शामली में पकड़े गए थे। वह फर्जी दस्तावेज तैयार कराते थे। अब पुलिस गिरफ्तार युवकों से पूछताछ में लगी है कि दस्तावेज कहां से तैयार कराए? राकेश चौधरी गैंग से तो उनका कोई संपर्क नहीं था? यह पता किया जा रहा है। 

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