पुलिस भर्ती परीक्षा में सेंध लगाने वाले अलीगढ़ के गोंडा स्थित रुद्र कोचिंग के संचालक ललित कुमार और उसके दो सहयोगियों ने पुलिस के सामने कई राज उगले हैं। सरगना ने पुलिस भर्ती में नौ सॉल्वर बैठाए थे। उन्होंने परीक्षा भी पास कर ली। इसके लिए छह से आठ लाख रुपये में ठेका लिया था।
दिल्ली और बिहार के सॉल्वरों से परीक्षा दिलाने के बाद कानपुर में दस्तावेज सत्यापन और शारीरिक मानक परीक्षण में गिरोह सॉल्वरों को शामिल करा चुका है। इसके लिए भर्ती प्रक्रिया में लगे टीसीएस कंपनी के कर्मचारियों से भी सांठगांठ कर रखी थी। इसके अलावा विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में दस साल के अंदर 258 अभ्यर्थियों को परीक्षा में पास करा चुका है।
पुलिस भर्ती परीक्षा की दस्तावेज समीक्षा और शारीरिक मानक परीक्षण पुलिस लाइन में चल रहा है। इसमें फर्जी अभ्यर्थी सहित 26 को पुलिस ने पकड़ा था। 23 दिसंबर को भर्ती प्रक्रिया में लगी टीसीएस कंपनी के कर्मचारी तरुण गौतम सहित चार आरोपियों को पकड़ा था।
कोचिंग संचालक सहित तीन गिरफ्तार
तरुण घर बैठे सॉल्वरों का सत्यापन कर रहे थे। तरुण के संबंध अलीगढ़ के गिरोह से भी थे। जांच के बाद पुलिस ने पड़ताल की। इसके बाद शुक्रवार रात को सिकंदरा-बोदला रोड स्थित क्रॉस मॉल से कोचिंग संचालक सहित तीनों आरोपियों को पकड़ लिया।
एसपी प्रोटोकॉल एमपी सिंह ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तों में अलीगढ़ के गोंडा स्थित नई बस्ती निवासी ललित कुमार, गोंडा के नगला दरबार निवासी जतिन उर्फ जितेंद्र सारस्वत और सौरभ चौधरी हैं। उनके पास से चार मोबाइल, एक लैपटॉप, नौ आधार कार्ड, फर्जी एडमिट कार्ड बरामद हुए हैं।
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों से पता चला कि ललित गोंडा में रुद्र कोचिंग प्राइवेट लिमिटेड चलाता है। कोचिंग में रेलवे, बैंक, एसएससी, सीडीएस, पुलिस, सेना भर्ती परीक्षा की तैयारी कराता है। 20 विद्यार्थियों के रहने की भी व्यवस्था कोचिंग में कर रखी है। ललित के वर्ष 2009 से अब तक 258 लोगों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पास कराने की बात सामने आई है।
किसी को लिखित परीक्षा तो किसी को इंटरव्यू तक में पास करा चुका है। गैंग ने पुलिस भर्ती परीक्षा में नौ सॉल्वर बैठाए थे। वो पास भी हो गए। कानपुर में सॉल्वर दस्तावेज समीक्षा और शारीरिक मानक परीक्षण में शामिल भी हो चुके हैं। इसके लिए अभ्यर्थियों से छह लाख से आठ लाख रुपये लिए थे।