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गए थे पक्षियों को देखने, लौटे घड़ियाल देखकर

Sat, 05 Dec 2015 01:58 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा
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देश के पहले बर्ड फेस्टिवल में शामिल होने आए देशी-विदेशी पक्षी विशेषज्ञ उस वक्त मायूस हुए जब बर्ड वाचिंग के दौरान चंबल सेंक्च्युरी में उन्हें पक्षी देखने को नही मिले। हालांकि घड़ियाल देखकर लौटे विशेषज्ञ चंबल की वादियों से प्रभावित दिखे। बाद में उन्होंने बर्ड गैलरी में पक्षियों की फोटो देखी और उनके बारे में जानकारी ली।
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जरार में शुरू हुए बर्ड फेस्टिवल पर पहले दिन ही प्रश्न चिह्न लग गया। 130 देशी-विदेशी विशेषज्ञ सूर्योदय के समय पक्षियों को देखने चंबल सेंक्च्युरी के नंदगवां घाट पर पहुंचे। वहां छह मोटरबोट में सवार होकर उन्होंने चंबल नदी में 5-7 किमी का सफर किया। उन्हें चंबल में सिर्फ घड़ियाल और मगरमच्छ तो दिखे पर पक्षियों के लिए वे किनारों और आसमान को ताकते ही रह गए। जब भी एक दो चिड़िया दिखती फोटो खींच लेते। दो घंटे की बर्ड वाचिंग के बाद उनकी प्रतिक्रिया चंबल की खूबसूरत वादियों और घड़ियालों को लेकर रही।
यूके की जैकी कार्नर ने पक्षी कम दिखने पर निराशा जताई। यहीं की करौल इनस्किप ने चंबल घाटी को खूबसूरत बताया। उन्होंने बताया कि केवल ग्रेट थिकनीज बर्ड ही उन्हें देखने को मिलीं। दिल्ली बर्ड ग्रुप की डॉ. नीलम खोसला ने बताया कि रडी सेल्डक, बार हैडेड गूज, रिवर लेप विंग आदि पक्षी ही देखने को मिले। दिल्ली की पूजा ने बताया कि चंबल नदी अच्छी है लेकिन पक्षी कम दिखे।
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..तो इसलिए कीठम नहीं
मुख्य आयोजन कीठम में क्यों नहीं, के सवाल पर प्रमुख सचिव वन एवं पर्यावरण संजीव सरन ने बताया कि चंबल का वातावरण शांत है। यहां यूको टूरिज्म को बढ़ावा दिया जाना है। वैसे भी यहां विशेषज्ञों द्वारा तैयार रिपोर्ट पूरे प्रदेश में लागू की जाएगी।
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