मैनपुरी। जिले में तत्कालीन सीडीओ ईशा प्रिया द्वारा विकसित कराए गए सारस सर्किट को अब व्यापक प्रचार-प्रसार मिलेगा। जिला प्रशासन की पहल पर उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (यूपीडा) ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर साइनबोर्ड लगाने की अनुमति दी है। बार्ड लगाने से पूर्व एक बार पहले पूरी जानकारी से यूपीडा को अवगत कराना होगा। इसे बाद बोर्ड लगाया जाएगा।
करहल और किशनी क्षेत्र में वेटलैंड्स की खोदाई कर बड़ा सर्किट तैयार किया गया है। सारसों के बहुतायत में आने के चलतेे इसे सारस सर्किट नाम दिया गया। तत्कालीन सीडीओ ईशा प्रिया की पहल पर तैयार सारस सर्किट को खूब सराहना मिली। इसके चलते पर्यटन विभाग ने सारस सर्किट को यूपी टूरिज्म की वेबसाइट पर स्थान दिया तो अब इसमें एक और उपलिब्ध भी जुड़ गई है।
जिला प्रशासन द्वारा भेजे गए पत्र का संज्ञान लेकर यूपीडा ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के किनारे करहल कट के पास सारस सर्किट का साइन बोर्ड लगाने की अनुमति दी है। इस संबंध में यूपीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी अवनीश अवस्थी ने आदेश जारी कर दिया है। इस आदेश में उन्होंने कुछ नियमों का ध्यान रखने के लिए कहा है। साथ ही बोर्ड की स्थापना से पहले पूरी जानकारी यूपीडा को भेजकर अनुमोदित कराने के लिए कहा है। पत्र आने के बाद जिला प्रशासन तैयारी में जुट गया है।
---
एक्सप्रेसवे पर साइन बोर्ड लगने से बढ़ेगी पर्यटकों की संख्या
सारस सर्किट का अधिकांश क्षेत्र आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे क्षेत्र से जुड़ा है। ऐसे में एक्सप्रेस वे पर साइन बोर्ड लगने से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। बोर्ड देखकर लोग करहल कट से उतरकर सारस सर्किट का दीदार कर सकेंगे। जल्द ही साइन बोर्ड लगा दिया जाएगा।
----
यूपीडा ने मांगी है ये जानकारी
-साइन बोर्ड में किस प्रकार की शीट का प्रयोग किया जाएगा।
-साइन बोर्ड के फाउंडेशन और सपोर्ट की ड्रॉइंग।
-साइन बोर्ड की एक्सप्रेस-वे के किनारे से दूरी
-साइन बोर्ड पर लिखे जाने वाले अक्षर व उनका आकार
-साइन बोर्ड के फाउंडेशन में प्रयोग की जाने वाली कंकरीट
-----
-ये वेटलैंड्स सारस सर्किट में हैं शामिल
वैटलेंड का नाम और क्षेत्रफल
समान-526 हेक्टेयर
सौज-108 हेक्टेयर
सहन-30 हेक्टेयर
सहस-3 हेक्टेयर
हसेल-4 हेक्टेयर
नगला झड़ू- 1 हेक्टेयर
कुदैया-2 हेक्टेयर
किरथुआ-02 हेक्टेयर
नगला पुवा-02 हेक्टेयर
---
- यूपीडा की अनुमति के अनुसार नियमों का पालन कर एक्सप्रेसवे पर सारस सर्किट का बोर्ड लगाया जा सकता है। इसके लिए मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने अनुमति दी है।
-आरएन सिंह, मुख्य सुरक्षा अधिकारी एक्सप्रेस वे आगरा।