गणतंत्र दिवस हर भारतीय के लिए गर्व का पर्व है। देशभर में बड़ी धूमधाम के साथ मनाया जाता है। शहर में पहले गणतंत्र दिवस समारोह का आयोजन आगरा किले के सामने रामलीला मैदान में हुआ था। समारोह में करीब 10 हजार लोग शामिल हुए थे। मेला और प्रदर्शनी के साथ खेलों का आयोजन हुआ। शहरभर में जुलूस निकाला गया था।
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प्रकाशित खबर।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
अमर उजाला में 28 जनवरी, 1950 के अंक में प्रकाशित प्रथम गणतंत्र दिवस की खबर के अनुसार आगरा के रामलीला मैदान में भव्य समारोह आयोजित हुआ था। हजारों लोगों से मैदान खचाखच भरा था। देशभक्ति के नारे गूंज रहे थे। सभी ने एक स्वर होकर राष्ट्रगान का गायन किया। तिरंगे को सलामी देकर अमर सपूतों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
तत्कालीन विधायक सेठ अचल सिंह आयोजन में नेतृत्वकर्ता की भूमिका में रहे। मेले में विद्यार्थियों की देशभक्ति की थीम पर बनाए चित्रों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। भगत, भजन संध्या आदि कार्यक्रम हुए। पुष्प, पशु, कृषि व नवीन भवनों की प्रदर्शनी भी लगाई गई थी। पुलिस और सेना के बैंड ने प्रस्तुति दी। किले पर भारत माता के दृश्य की रोशनी भी प्रदर्शित की गई।
भव्य और विशाल था जुलूस
पूरे शहर को तिरंगे झंडों से सजाया गया था। सुबह सभी वार्डों में प्रभात फेरी निकाली गईं। फुल्लटी से जुलूस की शुरुआत हुई, जो काफी लंबा और शानदार था। एक मोटर कार पर गांधी जी की प्रतिमा लगी थी, उसके पीछे सारे लोग देशभक्ति के नारे लगाते हुए चल रहे थे। जुलूस में शहर के सभी प्रमुख नेता, समाजसेवी, व्यापारी, छात्र और हजारों नागरिक शामिल हुए थे। शहर में भ्रमण के बाद जुलूस मोतीगंज पहुंचा। जहां विशाल आमसभा आयोजित की गई।
गोविंद बल्लभ पंत ने भेजा था संदेश
तत्कालीन मुख्यमंत्री पंडित गोविंद बल्लभ पंत ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर नगर कांग्रेस कमेटी के सभापति विभव को संदेश भेजा था। इसमें शहरवासियों को गणतंत्र दिवस की बधाई दी गई थी। सभी नागरिकों को राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करते हुए तरक्की करने का आग्रह किया गया था।