कासगंज। सोरोंजी तीर्थनगरी में नगर पालिका द्वारा आयोजित दीपोत्सव मेला में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कवि अखिलेश सक्सेना ने मां सरस्वती की आराधना करते हुए वंदना पढ़ी मात हम कर रहे आपकी वंदना, हमको आती नहीं लक्षणा व्यंजना। सोरोंजी के तीर्थ घोषित होने पर उन्होंने काव्य पाठ किया कि - सपना पूरा हो गया अब सोरों है सरकारी तीर्थ, अब प्रदेश में ही नहीं चहुं दिश होगी इसकी कीर्ति।
कवि नीरज सक्सेना ने मां गंगा की महिमा पर काव्य पाठ किया कि आरती गाओ शीश झुकाओ सबको ही पार लगाती है गंगा, भक्तों को अपनी शरण में बुलाके पापों से मुक्ति दिलाती है गंगा। संयोजक कवि मनोज मधुवन ने श्रृंगार रस की कविता पढ़ी तुम शमां की तरह मुस्कराते रहे, मोम सा मैं पिघलता रहा रात भर। हास्य कवि निर्मल सक्सेना ने कविता पढ़ी कि कृपा दृष्टि इतनी कर दो मां सबको खूब हंसाऊ मैं, हंसते-हंसते जिऊं तो हंसते हंसते ही मर जाऊं मैं।
टूंडला से आये कवि सुबोध सुलभ ने ओज रस की कविता पढ़ी कि गीत गजलों को कविता के मंत्र मान लो, हास्य व्यंग्य ओज करुणा के साथ जान लो। खुर्जा की कवयित्री पूनम अदा ने पढ़ा कि कुछ इस तरह से मेरे देश की शान लिख देना, दुनिया के जर्रे-जर्रे पर भारत महान लिख देना।
बरेली के कवि गोपाल पाठक ने कविता पढ़ी कि दर्दे दिल तो संभाले संभलता नहीं। आगरा के कवि गयाप्रसाद मौर्य ने काव्य पाठ किया कि रोम रोम में है राम, राम ही उबारे हैं। सभी ने सोरोंजी को सरकारी तौर पर तीर्थ घोषित किए जाने पर हर्ष जताया। अध्यक्षता रामशरण शर्मा एवं भाजपा जिला मंत्री नीतू सिंह ने की। संचालन विवेक महेरे ने किया।
इस मौके पर अधिशासी अधिकारी संताराम सरोज, जयप्रकाश दुबे, कमाल हसन, रामेश्वरदयाल महेरे, संजय दुबे, धर्मेंद्र वार्ष्णेय, कैलाश मिश्र, आदित्य काकोरिया, अंशुल भारद्वाज, गौरीश बाबू, अरविंद दुबे, भूपेश शर्मा, अमित अग्रवाल, अरविंद तिवारी, कपिल पंडित मौजूद रहे।