मैनपुरी। सालों पहले संविदा समाप्त होने के बाद भी एक युवक की ड्यूटी चुनाव कंट्रोल रूम में लगा दी गई। यह कारनामा दो बार हुआ। संबंधित युवक भी पूरी ड्यूटी करता रहा, लेकिन इस बात की किसी को भनक नहीं लगी। सोमवार को हुई एक शिकायत के बाद मामला सामने आया। इसके बाद अधिकारी पूरे प्रकरण की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं।
पंचायत चुनाव और उपचुनाव के लिए नामांकन से लेकर मतदान और मतगणना तक किसी भी प्रकार की शिकायत के लिए चुनाव कंट्रोल रूम बनाया गया था। विकास भवन में स्थापित चुनाव कंट्रोल रूम में 24 घंटे क्रियाशील रहने के लिए आठ-आठ घंटे की पालियों में ड्यूटी लगाई गईं थी।
इसमें गौरव रायजादा नाम के युवक को बेसिक शिक्षा विभाग में जिला समन्वयक बताते हुए उसकी दो बार ड्यूटी लगाई गई। दोनों बार संबंधित युवक ने ड्यूटी भी की। जबकि बेसिक शिक्षा विभाग से चार साल पहले वर्ष 2018 में ही उसकी सेवा समाप्त हो चुकी थी। इतना ही नहीं संबंधित युवक भी गुमराह करते हुए ड्यूटी करने आता रहा। अब पूरा मामला खुला तो खलबली मच गई है।
बेसिक शिक्षा विभाग के कर्मचारी भी देते रहे साथ
चुनाव कंट्रोल रूम में गौरव रायजादा के अलावा बेसिक शिक्षा विभाग में तैनात जिला समन्वयक रणधीर बहादुर की भी ड्यूटी लगाई गई थी। गौरव रायजादा की ड्यूटी के ठीक बाद ही उनकी ड्यूटी थी। ऐसे में वे रोज चुनाव कंट्रोल रूम में उससे मिलते थे। उन्हें इस बात की जानकारी थी कि गौरव रायजादा सेवा में नहीं है, इसके बाद भी उन्होंने किसी अधिकारी या कंट्रोल रूम प्रभारी को इसकी जानकारी नहीं दी।
जिला समन्वयक नहीं ब्लॉक समन्वयक के पद पर थी तैनाती
गौरव रायजादा को जिला समन्वयक के तौर पर चुनाव कंट्रोल रूम में तैनात किया गया, वह कभी जिला समन्वयक था ही नहीं। वर्ष 2018 से पूर्व बेसिक शिक्षा विभाग में कार्य के दौरान वह ब्लॉक समन्वयक के पद पर तैनात था।
गौरव रायजादा की वर्ष 2018 में सेवाएं समाप्त हो चुकी हैं। उसकी ड्यूटी क्यों और कैसे लगाई गई इस बारे में भी कोई जानकारी नहीं है। मामले की जानकारी कर उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।
विजय प्रताप सिंह, बीएसए।