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स्टाफ नर्स पर लगे आरोपों की नहीं हो सकी जांच

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मैनपुरी। जिला अस्पताल की ब्लड बैंक में तैनात रहे संविदा स्टाफ नर्स पर लगे आरोपों की जांच अब सीएमओ को अपने ही अंडर के किसी अधिकारी से करानी होगी। पूर्व में जांच अधिकारी नियुक्ति किए गए डॉ. आरके सिंह ने जिला अस्पताल से स्टाफ नर्स के स्थानांतरण की बात कहते हुए जांच अधिकारी किसी और को बनाने के लिए सीएमओ को पत्र लिखा है।
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जिला अस्पताल की ब्लड बैंक में कार्यरत संविदा स्टाफ नर्स सौरभ चौहान पर ब्लड के लिए अवैध रूप से रिश्वत की मांग करना, ब्लड के लिए आने वाले लोगों के साथ अभद्रता करना और जांच के लिए प्राइवेट लैब में भेजने का दबाव बनाने के आरोप लगाए गए हैं। सीएमओ ने पूर्व में अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संजीव राय बहादुर को जांच अधिकारी बनाया था। जिनकी रिपोर्ट में सौरभ को दोषी पाते हुए जिला अस्पताल मैनपुरी से सीएचसी कुरावली स्थित ब्लड बैंक से संबद्ध कर दिया गया है। स्टाफ नर्स की साप्ताहिक गतिविधि की रिपोर्ट मांगी गई थी। इसके लिए जिला अस्पताल के वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. आरके सिंह को जांच अधिकारी नियुक्ति किया गया था। डॉ. आरके सिंह ने सीएमओ को पत्र लिखकर अपना जवाब भेजते हुए कहा कि सौरभ की वर्तमान में तैनाती सीएचसी कुरावली पर है। वो उनके यहां काम नहीं कर रहा है। ऐसे में किसी और को जांच अधिकारी बनाकर उसकी जांच कराई जाए।
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सौरभ ने डीएम को दिया प्रार्थना पत्र
संविदा स्टाफ नर्स सौरभ चौहान का कहना है कि जिस व्यक्ति ने उनकी झूठी शिकायत की है, वह उसके रिश्तेदार हैं और उसके पड़ोस में रहते हैं। परिवारिक विवाद के तहत बदला लेने के लिए झूठे आरोप लगवाए गए हैं। बिना जांच के ही उसे दोषी मानते हुए कार्रवाई कर दी गई है। उसने जिलाधिकारी से मामले की पुन: जांच कराए जाने की मांग की है।
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