मकान मालिक ने फोन कर उन्हें घटना के बारे में बताया। मौके पर पहुंचकर देखा तो बेटी का शव पलंग पर मिला और तीनों बेटियां रो रही थीं। अभियोजन पक्ष की तरफ से अदालत में सुनवाई के दौरान वादी गजल श्रीवास्तव, घटना की चश्मदीद गवाह मृतका की जुड़वा बेटियां रिद्धि और सिद्धि, डॉक्टर वीरेंद्र सिंह और विवेचक सुनील कुमार शर्मा सहित 9 गवाह अदालत में पेश किए गए।
बेटियों ने कहा- खिड़की से देखा था पूरा नजारा
बेटियों ने अदालत को बताया कि उनके पिता आए दिन मां की पिटाई करते थे। घटना वाले दिन पिता ने मां से झगड़ा होने पर उन्हें छत पर भेज दिया था, जबकि छोटी बहन तनु श्री कमरे में सो रही थी। उन्होंने खिड़की से देखा कि पिता ने मां के गले में दुपट्टा कसकर उनकी हत्या कर दी और फिर मुंह ढक दिया। बेटियों के अनुसार, पिता ने उन्हें देखकर कहा कि उन्होंने मां को नींद की गोली देकर सुला दिया है। इसके बाद पिता ने मां का पर्स खोलकर उसमें से पैसे, मोबाइल और कुछ कागजात निकाले और तीनों बेटियों को छोड़कर भाग गए थे। बेटियों ने बताया कि मां के मुंह से खून निकल रहा था।
ये भी पढ़ें-
जलसंकट: वाटरवर्क्स पर बदलेगा फ्लो मीटर, इन क्षेत्रों में नहीं आएगा पानी; टैंकर के लिए नोट करें ये नंबर