तेजोमहालय बनाम ताजमहल केस में गृह मंत्रालय और पुरातत्व विभाग गुरुवार को अपना जवाब प्रस्तुत नहीं कर सका। अधिवक्ता विवेक शर्मा ने कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया कि अभी केंद्र सरकार और पुरातत्व विभाग से कोई प्रश्नगत जवाब के लिए निर्देश नहीं प्राप्त हुए हैं।
अत: जवाब के लिए समय दिया जाए। इससे पहले कोर्ट ने केंद्र सरकार के प्रार्थनापत्र पर 200 रुपए जुर्माना किया था। वहीं लोहामंडी निवासी इफ्तेखार खान की ओर से पूर्व तिथि पर एक प्रार्थनापत्र प्रस्तुत कर स्वयं को ताजमहल के संबंध में जानकारी होने का दावा करते हुए पक्षकार बनाने की याचना की थी।
इसके खिलाफ वादी पक्ष के अधिवक्ता राजेश कुलश्रेष्ठ ने आपत्ति प्रस्तुत कर कहा कि इफ्तेखार खान का प्रार्थनापत्र औचित्यहीन है। उनके पास इस बाबत न तो कोई जानकारी है और न ही कोई सुबूत है। अगर सुबूत या जानकारी है तो प्रस्तुत क्यों नहीं की गई। कोर्ट ने सभी तथ्यों को देखते हुए सुनवाई के लिए 25 जनवरी की तिथि नियत कर दी है।