अगस्त 2024 में सुरेंद्र पाल खोखे पर आया। हालचाल पूछने लगा। बाद में बोला कि स्वीगी और जोमैटो से जुड़ जाओ। ऑनलाइन का जमाना है। ऑनलाइन काम के लिए जीएसटी या एमएसएमई प्रमाणपत्र जरूरी है। कुछ दिन बाद सुरेंद्र अपने एक दोस्त सैफ अली के साथ आया।
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सुरेंद्र ने कहा कि मैंने स्वीगी वालों से बात कर ली है। खाता खुलवाने के नाम पर उनकी आईडी पर सिमकार्ड लिया। बाद में केनरा बैंक में खाता खुलवा दिया। पासबुक और सिमकार्ड अपने पास रख लिया। बोला कि अभी और प्रमाणपत्र बनवाने में काम पड़ेगा। 3 मार्च को बैंक मैनेजर उनके पास आए। उन्होंने बताया कि खाते में तीन महीने के अंदर करोड़ों का लेन-देन हो गया है। छानबीन करने पर पता चला कि कमला नगर निवासी अभिषेक अग्रवाल के साथ भी लोन दिलाने के नाम पर खाता खुलवाया था। उनके खाते में भी लेन-देन किया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
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