आगरा। ताजनगरी को सबसे बड़ा कर्ज मेट्रो के लिए मिलेगा। 4195 करोड़ रुपये (480 मिलियन यूरो) के ऋण को यूरोपियन निवेश बैंक (ईआईबी) से सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है। भुगतान के लिए प्रस्ताव बैंक के बोर्ड को भेजा गया है। लोन एग्रीमेंट को मंजूरी मिलने के बाद ही उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) ने बीती सात अगस्त को आगरा का सबसे बड़ा करीब 2200 करोड़ रुपये का टेंडर भी जारी कर दिया है। इस टेंडर में ताजमहल से लेकर आरबीएस कॉलेज तक सात भूमिगत मेट्रो स्टेशन के लिए सुरंग खोदी जाएगी।
आगरा मेट्रो प्रोजेक्ट की लागत 8380 करोड़ रुपये है। जिसमें 29.40 किलोमीटर लंबे दो कॉरिडोर और 27 स्टेशन बनेंगे। प्रोजेक्ट की कुल लागत का 50% वित्त पोषण यूरोपियन निवेश बैंक करेगी। जिसके लिए 480 मिलियन यूरो कर्ज दिया जा रहा है। बाकी प्रोजेक्ट लागत का 50% खर्च में 25% केंद्र सरकार और 25% राज्य सरकार वहन करेगी। वित्त वर्ष 2020-21 में राज्य सरकार ने 597 करोड़ रुपये के बजट का अनुमोदन आगरा मेट्रो के लिए किया था। फिलहाल आगरा में करीब 400 करोड़ रुपये के कार्य निर्माणाधीन हैं। यूरोपियन बैंक ने इस ऋण की घोषणा अपनी अधिकृत वेबसाइट के माध्यम से की है।
यूरोपियन बैंक से पहले आगरा के लिए सबसे ज्यादा कर्ज जापान इंटरनेशनल को-ऑपरेशन (जाइका) ने 2014 में करीब दो हजार करोड़ रुपये गंगाजल पेयजल आपूर्ति योजना के लिए दिए था। तब पालड़ा फॉल (बुलंदशहर) से सिकंदरा (आगरा) तक गंगाजल आपूर्ति के लिए 130 किलोमीटर लंबी स्टील पाइपलाइन बिछाने का सबसे बड़ा 1600 करोड़ रुपये का टेंडर जारी हुआ था। जिसके बाद अब 2021 में यूरोपियन बैंक ने मेट्रो के लिए 4195 करोड़ रुपये का कर्ज स्वीकृत किया है।
यूरोपियन बैंक से जो ऋण मिलने जा रहा है उससे आगरा मेट्रो के लिए 87 कोच (रोलिंग स्टॉक) खरीदे जाएंगे। साथ ही दोनों कॉरिडोर का विद्युतीकरण और सिग्नलिंग कार्य होगा। ट्रैक निर्माण पर भी पैसा खर्च होगा। यूरोप की निवेश बैंक ने 2016 से भारत में शहरी परिवहन के लिए ऋण वितरण शुरू किया है।
सबसे बड़े कर्ज के साथ ही सबसे बड़ा टेंडर भी अब मेट्रो में जारी हुआ है। सात भूमिगत स्टेशन की अनुमानित लागत करीब 2200 करोड़ रुपये तय की गई है। जिसमें ताजमहल स्थित पुरानी मंडी चौराहे से आगरा किला व जामा मस्जिद, एसएन मेडिकल कॉलेज, राजामंडी होते हुए आरबीएस कॉलेज तक सात मेट्रो स्टेशन के लिए करीब सात किलो मीटर लंबी सुरंग (टनल) खोदी जाएगी। टनल में होकर मेट्रो चलेगी। सात स्टेशन बनेंगे। यूपीएमआरसी अधिकारियों के मुताबिक सितंबर के अंतिम सप्ताह तक यह टेंडर खुल सकते हैं।
आगरा मेट्रो के लिए 4195 करोड़ रुपये का लोन एप्रूवल यूरोपियन इनवेस्टमेंट बैंक से मिल चुका है। सात स्टेशन के टेंडर भी जारी हो गए हैं। काम बहुत तेजी से चल रहा है। जिस तरह हमनें रिकॉर्ड टाइम में लखनऊ और कानपुर में काम पूरा किया है उसी तरह आगरा प्रोजेक्ट तय समय में पूरा करेंगे। - कुमार केशव, प्रबंध निदेशक, यूपीएमआरसी
यूपीएमआरसी के अधिकारियों के मुताबिक लोन मिलने के बाद उसे चुकाना का समय चार साल बाद शुरू होगा। 16 साल में कर्ज चुकाना होगा। ब्याज दरें वैरिअबल हैं। ऋण राशि पर करीब 0.33% की दर से ब्याज लगेगा।
- मार्च 2016 - लखनऊ मेट्रो : 450 मिलियन यूरो
- अक्तूबर 2017 - बैंगलोर मेट्रो - 300 मिलियन यूरो
- दिसंबर 2019 - भोपाल मेट्रो - 400 मिलियन यूरो
- जनवरी 2020 - पुणे मेट्रो - 600 मिलियन यूरो
- जून 2020 - कानपुर मेट्रो - 650 मिलियन यूरो
(नोट- ईआईबी ने अब तक पांच मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए ही कर्ज दिया है)