नगर निगम क्षेत्रों के मुकाबले छावनी क्षेत्र स्वच्छ और बेहतर माने जाते हैं लेकिन आगरा कैंट बोर्ड का स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 में बेहद शर्मनाक प्रदर्शन रहा। आगरा कैंट का देश में 50 हजार की आबादी वाले 820 क्षेत्रों में 814वां स्थान रहा तो देशभर की 58 छावनियों में 57वीं रैंक मिली।
आगरा कैंट को महज 2,081 अंक मिले, जबकि देश में नंबर-1 सिकंदराबाद कैंट को 10,680 अंक मिले। आगरा कैंट को बीते साल 8वां स्थान मिला था लेकिन सुधार के बजाय कैंट बोर्ड उस रैंक को भी बरकरार नहीं रख सका। कैंट के अधिकारियों की लापरवाही से आगरा कैंट क्षेत्र बेहद शर्मनाक स्थिति में आ गया।
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देश में कैंट क्षेत्रों में अंकों का औसत 6,066 रहा, जबकि उत्तर प्रदेश की छावनियों को औसतन 6,719 अंक मिले लेकिन आगरा कैंट को महज 2,081 अंक ही प्राप्त हो सके। शौचालयों की सफाई न होने, कचरे की डंप साइट का निस्तारण न होने, डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन न होने और कचरे को अलग-अलग न लेने से रैंकिंग में कैंट को नुकसान पहुंचा।
आगरा कैंट की रैंकिंग में गिरावट के कारण
- 0 % आवासीय क्षेत्रों में सफाई
- 0 % बाजारों की रसफाई
- 0 % तालाबों, जलस्रोतों की सफाई
- 0 % डंप साइट से कूड़े का निपटान
- 0 % कचरे की प्रोसेसिंग
- 3 % कचरे को अलग किया गया
- 62 % घरों से कचरा उठाया गया
- 25 % सार्वजनिक शाैचालयों की सफाई
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