आगरा। नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (एनएलयू) आगरा में स्थापित कराने की मांग करने वालों का कारवां बढ़ता जा रहा है। अब छात्र नेताओं ने कहा कि एनएलयू आगरा का हक है। विधि की पढ़ाई में आगरा पूरे उत्तर भारत का केंद्र रहा है। इसेे देखते हुए भी सरकार को आगरा में एनएलयू स्थापित करना चाहिए। इसे पाने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। ज्ञापन के माध्यम से सरकार से मांग की जाएगी। एनएलयू मिलने से यह क्षेत्र शिक्षा का हब बनेगा। यहां के छात्रों को विधि की पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों में नहीं जाना होगा। दूसरे शहरों से छात्र यहां पढ़ने के लिए आएंगे। रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
एनएलयू स्थापित होने से यहां रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। वहीं, क्लैट की तैयारी करने वाले छात्रों को सहूलियत होगी। उन्हें दूसरे शहरों में नहीं जाना होगा। आर्थिक राहत भी मिलेगी। संगठन सरकार से मांग करेगा। -नितिन माहेश्वरी, विभाग संगठन मंत्री, एबीवीपी, आगरा महानगर
एनएलयू आगरा का हक है, यह मिलना चाहिए। सरकार को आगरा में विधि शिक्षा के इतिहास को देखते हुए एनएलयू स्थापित करना चाहिए। संगठन इस मांग के संबंध में जल्द मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को देगा। -सतीश सिकरवार, जिलाध्यक्ष, एनएसयूआई
आगरा में एनएलयू आए तो छात्रों को विधि की पढ़ाई के लिए बाहर नहीं जाना होगा। सरकार से संगठन की मांग है कि यहां एनएलयू स्थापित किए जाने के लिए जल्द कदम उठाए। सरकार को मांगपत्र भी भेजा जाएगा। -अमित प्रताप यादव, महानगर मंत्री, समाजवादी छात्रसभा
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एनएलयू आगरा व आसपास के क्षेत्र के विकास के लिए भी जरूरी है। आगरा कॉलेज से पढ़े छात्र देश के चर्चित वकील बने। एनएलयू मिल जाए तो यह परंपरा आगे चलती रहेगी। संगठन इस मांग का समर्थन करता है।’ - डॉ. भूपेंद्र चिकारा, महामंत्री, डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (औटा)
आगरा अतीत से ही शिक्षा का केंद्र रहा है। यहां के लोग खंडपीठ की स्थापना के लिए सतत रूप से प्रयत्नशील हैं। एनएलयू आगरा को मिल जाए तो युवाओं का कानून की पढ़ाई के प्रति रुझान बढ़ेगा। शहर की प्रतिष्ठा भी और बढ़ जाएगी। -डॉ. सुशील गुप्ता, अध्यक्ष, अप्सा
एनएलयू आगरा को मिल जाए तो आगरा व आसपास के क्षेत्रों में क्लैट की तैयारी करने वाले छात्रों की संख्या बढ़ जाएगी। माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों का रुझान बढ़ेगा। आगरा की ऐतिहासिक व भौगोलिक दोनों स्थिति को देखते हुए एनएलयू यहां बनना चाहिए। -संजय तोमर, अध्यक्ष, नप्सा