मेधावी सम्मान समारोह में सम्मानित होकर छात्र-छात्राओं के चेहरे खिल उठे। जिलाधिकारी भानु चंद्र गोस्वामी ने विद्यार्थियों को संगति के असर का महत्व बताया।
उत्तर प्रदेश के आगरा में शनिवार को अमर उजाला और सेंटर फॉर एंबीशन के भविष्य ज्योति कार्यक्रम में मेधावियों का सम्मान किया गया। चेहरे पर खुशी और आंखों में आत्मविश्वास। मंच से मेधावियों का नाम पुकारते ही सूरसदन प्रेक्षागृह तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
विज्ञापन
मौका था, अमर उजाला और सेंटर फॉर एंबीशन के संयुक्त आयोजन अमर उजाला भविष्य ज्योति कार्यक्रम में वर्ष 2024 के विभिन्न बोर्ड परीक्षाओं के मेधावियों के सम्मान समारोह का। मेधावियों से कहा गया कि ये तो शुरुआत है, मेहनत और लगन से हर मंजिल आसान हो जाती है। कार्यक्रम में करीब 900 मेधावियों को सम्मानित किया गया।
शनिवार को सूरसदन प्रेक्षागृह में कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी भानु चंद्र गोस्वामी, एसीपी डॉ. सुकन्या शर्मा, जिला विकास अधिकारी राकेश रंजन, मदर्स फाउंडेशन की अध्यक्ष डॉ. अनामिका सिंह, सेंटर फॉर एंबीशन के निदेशक नीलेश कुमार, एकेडमिक हेड डॉ. शुभांकर तिवारी और सेंटर हेड अंकुश श्रीवास्तव ने संयुक्त रूप से दीप जलाकर किया।
सम्मानित किए गए मेधावी छात्र-छात्राएं।
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, काउंसिल फॉर इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन और उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के 10वीं और 12वीं में सर्वोच्च अंक पाने वाले विद्यार्थियों को मंच पर आमंत्रित कर मेडल पहनाए गए। जिलाधिकारी और एसीपी ने जैसे ही मेधावियों को मेडल पहनाना शुरू किया, पूरा हाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
शिक्षा ही नहीं हर क्षेत्र में ऊंची रखें मेरिट
जिलाधिकारी ने संगति का महत्व बताते हुए कहा कि पढ़ने में औसत बच्चे भी अच्छी संगति में रहकर सफल हो जाते हैं और अच्छे बच्चे भी कुसंगति में फंसकर बर्बाद हो जाते हैं। मेरिट सिर्फ शिक्षा में ही नहीं हर क्षेत्र में होनी चाहिए। जहां जाएं अपना सर्वश्रेष्ठ दें। अपनी प्रतिभा और क्षमता को विकसित करने की जिम्मेदारी आपकी खुद की है। सफलता के चार सूत्र दृढ़निश्चय, आत्मविश्वास, लगन और अथक परिश्रम हैं।
सकारात्मक बने और ज्ञान बढ़ाएं
जिला विकास अधिकारी राकेश रंजन ने ज्ञान को बढ़ाने का मूलमंत्र दिया। कहा कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी विपरीत हों, सकारात्मक दृष्टिकोण से उनका हल निकाला जा सकता है। विद्यार्थी खुद के अंदर कौशल का विकास करें। किसी भी काम को बीच में न छोड़ें बल्कि जब तक मंजिल न मिले बगैर रुके प्रयास करते रहें। सफलता निश्चित कदम चूमेगी।
सम्मानित किए गए मेधावी छात्र-छात्राएं।
- फोटो : अमर उजाला
मेहनत ही है आपकी सच्ची दोस्त
एसीपी डॉ. सुकन्या शर्मा ने कहा कि मेहनत ही आपकी सच्ची दोस्त है। हमारे समय में 95 प्रतिशत और उससे अधिक अंक वाले बच्चे गिने-चुने होते थे। तब ये असंभव सा लगता था, इस असंभव को आप बच्चों ने संभव कर दिखाया। परिजन भी प्रशंसा के पात्र हैं।
सेंटर फॉर एंबीशन के एकेडमिक हेड शुभांकर तिवारी ने कहा कि आज आपके पास कॅरिअर से ढेर सारे विकल्प हैं। आप जो चाहें वो बन सकते हैं, बस जरूरत है सही मार्गदर्शन और रणनीति की। सही समय पर कॅरिअर की शुरुआत करें। एकाग्र होकर लक्ष्य प्राप्ति में जुट जाएं तो नामुमकिन कुछ भी नहीं।