कासगंज। बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए कक्षाएं संचालित हो रही है, लेकिन अभी तक ड्रेस उपलब्ध नहीं हो सकी है। ड्रेस को लेकर शासन से असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। पहले निर्देश मिले कि अभिभावकों के खातों में धनराशि जाएगी फिर बाद में स्पष्ट हुआ कि धनराशि खातों में न भेजकर समूहों के माध्यम से ही ड्रेस का वितरण कराया जाएगा, लेकिन अब शासन ने स्पष्ट कर दिया है कि विद्यार्थी भत्ता अभिभावकों के बैंक खातों में भेजा जाएगा।
बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में विद्यार्थियों को नि:शुल्क ड्रेस, जूता-मोजा, पुस्तकें, पोषण के लिए मिड डे मिल भोजन मिलता है। सरकार की योजनाएं प्रभावी ढंग से स्कूलों में लागू की गई हैं। हर साल बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में ड्रेस का वितरण निजी संस्थाओं के माध्यम से कराया जाता था। जिससे कई बार ड्रेस वितरण को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग के अफसरों पर सवाल उठते रहते थे।
ड्रेस विद्यार्थियों को मिल जाती थी, लेकिन भुगतान के लिए आपूर्तिकर्ता संस्थाएं परेशान रहती थीं, क्योंकि आपूर्ति के बाद किस्तों में विद्यालय के खाते में धनराशि भेजी जाती थी।। अब इस समस्या का समाधान हो गया है। अभिभावकों के खातों में ड्रेस की धनराशि पहुंचेगी। अध्यापक स्वयं जूते मोजे, ड्रेस खरीद सकेंगे। मानक भी शासन से तय किए जा रहे हैं।
दो साल से नहीं आई धनराशि
जिले के अधिकांश स्कूलों में दो साल से ड्रेस की पूरी धनराशि नहीं आई है। जिससे पूर्व में आपूर्तिकर्ता संस्थाओं को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
इस बार शासन ने निर्णय लिया है कि ड्रेस की धनराशि सीधे अभिभावकों के खातों में भेजी जाएगी। इसको लेकर जिला स्तर पर अभिभावकों के खातों की फीडिंग करा दी गई है। शासन के निर्देश पर अग्रिम कार्रवाई होगी। खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि खंड स्तर पर भी योजना का डाटा अपडेट रखें। - राजीव कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी।