नगर पालिका परिषद की ओर से शहर की स्ट्रीट लाइट बंद व चालू करने के लिए तीन कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके बाद भी पूरे दिन बिजली के खंभों पर स्ट्रीट लाइट जलती रहती हैं। जिसकी वजह से पालिका पर भी बिजली का बिल का भार बढ़ रहा है। नगर पालिका पर 15 लाख रुपये का बिजली का बिल बकाया है।
विद्युत निगम की ओर से बिजली बचाव के लिए कई तरह के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन विद्युत निगम के अधीक्षण अभियंता राजकुमार के कार्यालय के बाहर ही करीब 200 वॉट का बल्ब दिन रात जलता रहता है। इस बल्ब को बंद करने के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है।
शहर के पॉश इलाके अरूणा नगर में भी नगर पालिका परिषद की स्ट्रीट लाइट दिन में जल रही हैं। इसको बंद करने के लिए लगाए गए कर्मचारी भी लापरवाही बरत रहे हैं। रेलवे रोड स्थित अरूणा नगर में सदर विधायक विपिन वर्मा डेविड के आवास की गली से पहले वाली गली में दो स्ट्रीट लाइटें जलती हुई पाई गईं। वहीं रेलवे रोड पर भी कई खंभों पर 500 वॉट से अधिक की स्ट्रीट लाइट जलती नजर आईं।
नगर पालिका परिषद द्वारा जीटी रोड पर डिवाइडर पर लगे हर बिजले के खंभों पर स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं। यहां पर एक दो खंभों को छोड़ सभी खंभों पर स्ट्रीट लाइटें जलती हुई पाई गईं। नगर पालिका परिषद कार्यालय के ठीक सामने ही स्ट्रीट लाइटें जलती हुई नजर आई।
जीटी रोड से उत्तर दिशा में कर्मचारी निर्देश कुमार की सभी स्ट्रीट लाइटों के संचालन के लिए ड्यूटी लगाई गई है। शिकोहाबाद रोड से दक्षिण दिशा में सभी स्ट्रीट लाइट के लिए ओमवीर की ड्यूटी लगाई गई है। इसी तरह से कचहरी रोड से पश्चिम की ओर के पूरे क्षेत्र में रूमपाल की ड्यूटी लगाई गई है।
नगर पालिका ईओ डॉ. दीप वार्ष्णेय ने बताया कि नगर पालिका परिषद की स्ट्रीट लाइटें दिन में भी जल रही है तो संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए कर्मचारियों को पहले से ही निर्देश दिए गए है कि दिन में कोई भी स्ट्रीट लाइट न जले। अगर पड़ताल में स्ट्रीट लाइटें जलती पाई जाती हैं तो कार्रवाई होनी तय है।