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आगरा में कोरोना: बढ़ती मौतों को रोकने के लिए पांच विशेषज्ञ करेंगे गंभीर मरीजों का इलाज

Fri, 26 Jun 2020 12:36 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

  • भर्ती होते ही कोरोना मरीज की अन्य गंभीर बीमारियों की बनाई जाएगी रिपोर्ट
  • टीम में होंगे सांस, पेट रोग, बाल रोग, मेडिसिन, हृदय रोग विशेषज्ञ
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एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा में कोरोना संक्रमितों की मौत का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है। गुरुवार तक 84 मरीजों की मौत हो गई। मरने वालों में 90 फीसदी सांस रोगी, किडनी, लिवर, मधुमेह समेत अन्य गंभीर बीमारियों से भी जूझ रहे थे। 
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बढ़ती मौतों को रोकने के लिए एसएन मेडिकल कॉलेज ने इलाज के लिए नया एक्शन प्लान बनाया है। अब भर्ती होते ही सभी जांच कराते हुए पांच विशेषज्ञों की विशेष टीम इलाज में सहयोग करेगी। इस टीम में सांस रोग, पेट रोग, बाल रोग, वक्ष एवं क्षय रोग और हृदय रोग विशेषज्ञ रहेंगे। 


ऐसे इलाज करेगी टीम 

यह टीम मरीज के भर्ती होते ही तीमारदार से संक्रमण के अलावा अन्य गंभीर बीमारियों की बारे में पता करेगी। मरीज की खून की जांच, अल्ट्रासाउंड, एक्सरे, सीटी स्कैन, एमआरआई समेत अन्य और कोई आवश्यक जांच भी कराई जाएगी। 
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जरूरत पर पूर्व में चल रहे इनके इलाज के पर्चों का आकलन भी किया जाएगा। इन पांच विशेषज्ञों की टीम आठ-आठ घंटे के लिए तीन शिफ्ट में कार्य करेगी। यह व्यवस्था आज से शुरू हो गई है। 
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प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि संक्रमण के मरीजों में 70 फीसदी की मौत की वजह अन्य गंभीर बीमारियां हैं। ऐसे में अब मरीज के भर्ती होते ही मल्टीपल बीमारियों की जांच करते हुए इलाज दिया जाएगा। इसके लिए विशेषज्ञों की टीम का पैनल बनाया है। यह व्यवस्था शुरू हो गई है।

मरने वालों में 65 वर्ष से अधिक आयु वाले ज्यादा

एसएन में अभी तक मरने वाले 84 मरीजों में 85 फीसदी की उम्र 65 से अधिक है। इनमें उच्च रक्तचाप, लिवर-किडनी, सीओपीडी जैसी बीमारियां भी थीं। ऐसे भी मरीज रहे, जिन्होंने अपनी दवाएं बंद कर दी थी, बाद में संक्रमण होने से मर्ज और गंभीर हो गया। 

86 साल तक के मरीज ठीक होकर गए घर

एसएन मेडिकल कॉलेज से लोहामंडी का 23 दिन का बच्चा और ताजगंज के 86 साल के बुजुर्ग तक ठीक होकर घर जा चुके हैं। इनमें मल्टीपल बीमारियां नहीं थी, ऐसे में अभी सभी पहलुओं को देखते हुए इलाज की व्यवस्था की जा रही है।
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