प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि संक्रमण के मरीजों में 70 फीसदी की मौत की वजह अन्य गंभीर बीमारियां हैं। ऐसे में अब मरीज के भर्ती होते ही मल्टीपल बीमारियों की जांच करते हुए इलाज दिया जाएगा। इसके लिए विशेषज्ञों की टीम का पैनल बनाया है। यह व्यवस्था शुरू हो गई है।
मरने वालों में 65 वर्ष से अधिक आयु वाले ज्यादा
एसएन में अभी तक मरने वाले 84 मरीजों में 85 फीसदी की उम्र 65 से अधिक है। इनमें उच्च रक्तचाप, लिवर-किडनी, सीओपीडी जैसी बीमारियां भी थीं। ऐसे भी मरीज रहे, जिन्होंने अपनी दवाएं बंद कर दी थी, बाद में संक्रमण होने से मर्ज और गंभीर हो गया।
86 साल तक के मरीज ठीक होकर गए घर
एसएन मेडिकल कॉलेज से लोहामंडी का 23 दिन का बच्चा और ताजगंज के 86 साल के बुजुर्ग तक ठीक होकर घर जा चुके हैं। इनमें मल्टीपल बीमारियां नहीं थी, ऐसे में अभी सभी पहलुओं को देखते हुए इलाज की व्यवस्था की जा रही है।