जिनालय में शिखर का विशिष्ट महत्व
-महावीर जिनालय के शिखर स्थल का शिलान्यास हुआ
संवाद न्यूज एजेंसी
मैनपुरी। करहल रोड स्थित श्री 1008 महावीर जिनालय बिसातखाना के शिखर का भव्य शिलान्यास समारोह रविवार को हुआ। पंडित कमल कुमार जैन शास्त्री के सानिध्य में शिलान्यास स्थल पर विधिविधान से पूजन कर कलश एवं यंत्र स्थापित किए गए।
पूजा करने का सौभाग्य विशाल जैन, विकास जैन बंटी, अंकित जैन, शशांक जैन, प्रवीण जैन बबलू, अरविंद जैन को मिला। मंत्रोचारण के साथ कलश स्थापित करने का सौभाग्य रेखा जैन, तृप्ति जैन, विमला जैन, कविता जैन, ऊषा जैन को तथा दीप प्रज्वलित करने का सौभाग्य उमेशचंद्र जैन, आदेश जैन, सुरेशचंद्र जैन, चंदन जैन, स्वाति जैन, विप्लव जैन को यंत्र स्थापित करने का सौभाग्य योगेश जैन, छवि जैन, अंजली जैन, अजय कुमार जैन, रानू जैन, संजयकांत जैन को मिला।
पंडित कमल कुमार जैन ने कहा कि जिस प्रकार मनुष्य शरीर में सबसे ऊपर स्थित मुंह का विशिष्ट महत्व होता है। उसी प्रकार जिनालय में शिखर का विशिष्ट महत्व एवं स्थान होता है। धुआं दूर से देखने मात्र से ही अग्नि होने का अहसास होने लगता है। इसी तरह कई किलोमीटर दूर से शिखर दिखाई देने से जिनालय होने का आभास होने लगता है।
मंदिर के अध्यक्ष सुरेशचंद्र जैन, महामंत्री नरेशचंद्र जैन, डॉ. स्वाति जैन, हितेंद्र जैन, आशीष जैन, नीतू जैन, मीना जैन, संजीव जैन, दिलीप जैन, गोपाल जैन, महेंद्र कुमार जैन, संजय जैन मौजूद रहे।