उत्तर प्रदेश में सौहार्द बिगाड़ने वालों की अब खैर नहीं। दंगाइयों और बलवाइयों से निपटने के लिए प्रदेश में पीएसी की विशेष बटालियन का गठन किया जाएगा। जल्द ही इसकी अधिसूचना जारी होगी। यह जानकारी एडीजी पीएसी विनोद कुमार सिंह ने दी।
मथुरा के धर्मस्थलों की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के बाद एडीजी पीएसी विनोद कुमार सिंह शुक्रवार को आगरा पहुंचे। कहा, प्रदेश के प्रत्येक पुलिस जोन में दंगाइयों से निपटने के लिए जल्द ही पीएसी की रैपिड रिस्पांस फोर्स (आरआरएफ) का गठन किया जाएगा। इसके लिए शासन को रिपोर्ट भेज दी गई है। यह बात एडीजी पीएसी विनोद कुमार सिंह ने प्रेसवार्ता में कही। शुक्रवार को वह 15वीं बटालियन पीएसी के दौरे पर आए थे।
एडीजी पीएसी गुरुवार शाम को 15वीं बटालियन पीएसी पहुंचे थे। प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा कि पीएसी के जवानों को हर चुनौती से निपटने के लिए तैयार किया जा रहा है। सीआरपीएफ की आरएएफ की तरह ही प्रदेश में छठी वाहिनी मेरठ का रैपिड रिस्पांस फोर्स (आरआरएफ) के रूप में गठन कई साल पहले किया गया था।
इस फोर्स की वर्दी और प्रशिक्षण दोनों अलग हैं। अब इसे प्राथमिकता पर लिया गया है। इसकी अभी तक अधिसूचना जारी नहीं हुई है। इसकी अधिसूचना जारी कराने के लिए शासन को रिपोर्ट दी गई है। डीजीपी को भी अवगत कराया गया है।
प्रदेश में पुलिस के आठ जोन हैं। आरआरएफ की अधिसूचना जारी होने के बाद हर जोन में एक-एक वाहिनी आरआरएफ की खड़ी की जाएगी। इसके लिए तैयारी पूरी है। इसके बाद संसाधन, उपकरण और प्रोत्साहन भत्ते भी मिलने लगेंगे।
इसके अलावा यूपी में बदायूं, गोरखपुर और लखनऊ में महिला पीएसी की वाहिनी बनाई जानी है। इसके लिए जमीनों का अधिग्रहण किया जा रहा है। जमीन अधिग्रहण का कार्य आखिरी चारण में है। पीएसी के 11 हजार नए जवानों का प्रशिक्षण जल्द शुरू हो जाएगा। वर्ष 2020 के मध्य में यह जवान पीएसी को मिल जाएंगे। इनकी अलग-अलग बटालियन में तैनाती की जाएगी।
एडीजी पीएसी ने गुरुवार को मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मस्थान की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया था। 15वीं बटालियन पीएसी आए तो वह सबसे पहले ताज के यलो जोन में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने पहुंचे। वह महताब बाग में पीएसी के कैंप पर भी गए। एडीजी ने बताया कि पीएसी के शिविरों को और दुरुस्त किया जाएगा।
एडीजी पीएसी विनोद कुमार सिंह ने जवानों से सीधा संवाद किया। उनकी समस्याएं जानीं। 15वीं बटालियन का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि पीएसी के जवानों को भी विशेष प्रशिक्षण दिलाया जा रहा है। उनके उपकरणों की संख्या भी बढ़ाई जा रही है।