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यूपी: एसपी विजिलेंस मंच पर बैठे थे, लिपिक ले रहा था रिश्वत, ऐसे नाटक का मंचन, बताया- घूस मांगे तो क्या करें?

Tue, 31 Oct 2023 10:00 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

कोई घूस मांगता है तो क्या करें। इस सवाल का जवाब अक्सर लोगों के दिमाग में घूमता है। ज्यादातर लोग किसी झंझट में पड़ने की जगह हार जाते हैं, लेकिन यदि जरा सी सतर्कता दिखाई जाए, तो घूसखोरों को सबक सिखाया जा सकता है। 
 
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Agra News - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सेवानिवृत्त कर्मचारी अपनी पेंशन बनवाने लिपिक के पास पहुंचा था। लिपिक ने पहले काम का बहाना कर टरकाया। बार-बार चक्कर काटने पर रिश्वत के बगैर कोई काम न होने की बात बताई। थक हार कर कर्मचारी विजिलेंस के पास पहुंचा। आरोप की पुष्टि के बाद जाल बिछाया गया। लिफाफे में बंद रिश्वत की रकम लेते ही लिपिक को टीम ने धर दबोचा। यह सब मंच पर बैठे एसपी विजिलेंस शगुन गौतम भी देख रहे थे।

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दरअसल, सोमवार को उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान की ओर से जागरुकता सप्ताह के तहत जन संवाद कार्यक्रम का आयोजन सूरसदन में किया गया। इस दौरान नाटक के मंचन से विजिलेंस के कर्मचारियों ने बताया कि विभागों में किस तरह से कर्मचारी रिश्वत की मांग करते हैं। विजिलेंस किस तरह से इन रिश्वतखोरों को बेनकाब करती है।

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एसपी विजिलेंस ने बताया कि बिजली का बिल ठीक कराना हो, जन्म मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाना हो। पेंशन, ग्रेच्युटी, भुगतान, शस्त्र लाइसेंस बनवाने के लिए लोगों को विभागों के चक्कर काटने पड़ते हैं। कई बार शिकायत मिलती है कि कर्मचारी रिश्वत न मिलने की वजह से काम नहीं कर रहे हैं। ऐसे में टीम जांच कर कार्रवाई करती है। शिकायतकर्ता का नाम गोपनीय रखा जाता है, जिससे उस पर किसी तरह का दबाव नहीं डाला जा सके। नाटक में निरीक्षक राम कुमार सिंह लिपिक बने थे, जबकि पीड़ित रामवीर सिंह थे।

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लोक सेवक घूस मांगे तो क्या करें?
- रिश्वत विरोधी हेल्पलाइन नंबर 9454401866 पर काॅल करके शिकायत दर्ज कराएं।
- विभाग में शिकायतकर्ता को खुद आना होगा, हालांकि उसका नाम गोपनीय रखा जाएगा।
- रिश्वत लेते पकड़े गए लोकसेवक के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाती है। 60 दिन में चार्जशीट लगाई जाती है।
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