दरअसल, सोमवार को उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान की ओर से जागरुकता सप्ताह के तहत जन संवाद कार्यक्रम का आयोजन सूरसदन में किया गया। इस दौरान नाटक के मंचन से विजिलेंस के कर्मचारियों ने बताया कि विभागों में किस तरह से कर्मचारी रिश्वत की मांग करते हैं। विजिलेंस किस तरह से इन रिश्वतखोरों को बेनकाब करती है।
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एसपी विजिलेंस ने बताया कि बिजली का बिल ठीक कराना हो, जन्म मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाना हो। पेंशन, ग्रेच्युटी, भुगतान, शस्त्र लाइसेंस बनवाने के लिए लोगों को विभागों के चक्कर काटने पड़ते हैं। कई बार शिकायत मिलती है कि कर्मचारी रिश्वत न मिलने की वजह से काम नहीं कर रहे हैं। ऐसे में टीम जांच कर कार्रवाई करती है। शिकायतकर्ता का नाम गोपनीय रखा जाता है, जिससे उस पर किसी तरह का दबाव नहीं डाला जा सके। नाटक में निरीक्षक राम कुमार सिंह लिपिक बने थे, जबकि पीड़ित रामवीर सिंह थे।
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