आगरा। केवल दो घंटे ही ग्रीन पटाखे चलाने के आदेश को दरकिनार करते हुए देर रात तक जमकर आतिशबाजी की गई। ऐसा खुलासा केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की स्टडी में हुआ है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड प्रभारी कमल कुमार के निर्देशन में 29 अक्तूबर और 4 नवंबर को ध्वनि प्रदूषण की जांच एचआर एस्टेट और जीपीआरए कॉलोनी में कराई गई। दोनों ही जगहों पर दिवाली पर ध्वनि प्रदूषण बढ़ा पाया गया। सामान्य दिनों में ध्वनि का औसत स्तर 55 डेसिबल तक होता है, जबकि रात में यह 45 डेसिबल होना चाहिए, लेकिन दिवाली पर यह औसत 77.64 तक और अधिकतम 123.4 डेसिबल तक पहुंच गया जो सामान्य से तीन गुना तक ज्यादा दर्ज किया गया। तेज धमाके वाले और स्काई शॉट वाले पटाखों का इस्तेमाल ज्यादा होने से ध्वनि प्रदूषण में यह इजाफा रिकॉर्ड किया गया। देर रात 12 बजे तक पटाखों का शोर बरकरार रहा, उसके बाद इसमें कमी आती गई।
ध्वनि प्रदूषण का हाल
जगह 29 अक्तूबर 4 नवंबर
एचआर एस्टेट 56.88 76.02 डेसिबल
जीपीआरए कालोनी 59.91 77.64 डेसिबल