मिट्टी की ढाय गिरने के जेसीबी से चलता बचाव अभियान
- फोटो : अमर उजाला
मथुरा जिले के वृंदावन के गांव अक्रूर में मिट्टी की ढाय खिसकने से तीन किशोरियों और तीन महिलाएं मिट्टी में दब गई। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद दो जेसीबी की मदद से सभी को बाहर निकाला गया। इसमें से एक महिला की मौत हो गई, जबकि तीन घायल हैं।
मंगलवार को सुबह करीब साढ़े नौ बजे वृंदावन कोतवाली क्षेत्र के गांव अक्रूर के जंगल में देवशयनी एकादशी पर पूजन के लिए महिलाएं और किशोरियां मिट्टी लेने के लिए गई थीं। बरसात के कारण मिट्टी गीली होने पर खुदाई करते वक्त ढाय खिसक गई।
इससे सभी महिलाएं और किशोरियां मिट्टी में दब गईं। ढाय के बाहरी किनारे पर होने के कारण 15 वर्षीय ललिता और राधा किसी तरह से मिट्टी से निकलकर शोर मचाते हुए गांव की ओर भागी। गांव के लोग घटनास्थल पर पहुंच गए।
जेसीबी से हटाई गई मिट्टी
लोगों ने स्थिति को देखते हुए बचाव कार्य शुरू कर दिया। क्षेत्रीय पार्षद उत्तम बघेल ने नगर निगम से जेसीबी की मदद मांगी। मौके पर पहुंची दो जेसीबी की मदद से मिट्टी में दबी एक किशोरी और तीन महिलाओं को बाहर निकाला गया। घायलों को निकटवर्ती अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
अद्धा पुलिस चौकी प्रभारी मनोज शर्मा ने बताया कि जिला संयुक्त चिकित्सालय में रेनू (27) पत्नी जयबिहारी निवासी अक्रूर को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मृतका के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
जबकि रजनी (25) पत्नी वकील को जिला संयुक्त चिकित्सालय, आशा (30) पत्नी लवकुश और सावित्री (15) को उपचार के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मौके पर पहुंचे अपर नगर आयुक्त सतेंद्र तिवारी ने बताया कि घटना की जानकारी लगते ही मदद के लिए जेसीबी भेजी गई थी।
मृतका के घर मचा कोहराम
देवशयनी एकादशी पर पूजन के लिए मिट्टी लेने गई 27 वर्षीय रेनू के घर पर घटना की सूचना से कोहराम मच गया। रेनू की दो छोटी बेटियां हैं। घटना के बाद आसपास के लोग भी रेनू के घर पर जुट गए। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।
अक्रूर में सबसे अधिक मिट्टी का खनन
कोतवाली वृंदावन के गांव अक्रूर के आसपास बड़ी संख्या में खनन होता है। ट्रैक्टर-ट्रॉली रात भर इस क्षेत्र में दौड़ती हैं। यमुना के बालू के साथ मिट्टी की जेसीबी से होने वाली खुदाई ने इस क्षेत्र में बड़े गड्डे कर दिए हैं। मंगलवार को जिस स्थल पर मिट्टी की ढाय खिसकने से यह बड़ी घटना हुई, वह गड्ढा भी गहरा था।